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Tag Archives: Motivational Hindi Stories

देवी: उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की लघुकथा

Munshi Premchand Short Hindi Story Devi देवी

मुंशी प्रेमचंद की कहानियां समाज की सोच को सकरात्मक दिशा में ले जाने वाले महानतम महान लेखको में मुंशी प्रेमचन्द का भी नाम आता है। इनके साहित्य और उपन्यास में योगदान को देखते इन्हें “उपन्यास सम्राट” भी कहा जाता है। मुंशी प्रेमचन्द का जन्म 31 जुलाई 1880 को भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के वाराणसी शहर में हुआ था। इनके …

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पूस की रात: कथा सम्राट प्रेमचंद की लोकप्रिय कहानी

Munshi Premchand's Short Hindi Story पूस की रात

कथा सम्राट प्रेमचंद ने हिन्‍दी के खजाने में कई अनमोल रत्‍न जोड़े हैं. महज आठ साल की उम्र में प्रेमचंद की मां का स्वर्गवास होने और पिता द्वारा दूसरी शादी करने के चलते उनके बाल मन को वह स्‍नेह कभी न मिल सका जिसकी उसे चाह होती है. प्रेमचंद ने गरीबी को बेहद करीब से देखा. कहा जाता है कि …

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मनु का होमवर्क: छात्रों के लिए प्रेरणादायक कहानी

मनु का होमवर्क: छात्रों के लिए प्रेरणादायक कहानी

“आज फ़िर तुम्हारी होमवर्क कॉपी में ढेर सारे लाल लाल निशान लगे हुए है” मम्मी ने थोड़ा गुस्से से मनु की ओर देखते हुए कहा। पर मनु भला मम्मी की बात कहाँ सुन रहा था, वह तो खिड़की से बाहर झाँकने में मगन था। इस बार मम्मी ने मनु का हाथ पकड़कर अपनी ओर खींचा और कॉपी दिखाते हुए कहा …

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अनकहा सच: नाजायज रिश्तों की जायज कहानी

अनकहा सच: नाजायज रिश्तों की जायज कहानी

कितनी बार अपनी पसंदीदा नीली कलम उठाई और डायरी के बीच में फँसा दी। भूरे ज़िल्द की डायरी के सफ़ेद पन्नों ने जैसे अपनी उम्र पूरी कर ली हो और हल्की पीली चादर तान कर सोने जा रहे हो। तकदीर का खेल पर पन्नों के बीच छुपकर भला कहाँ चैन पाता है, वो तो आज़ाद होकर सबको अपनी उँगलियों पर …

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चाँद और लम्बू जिराफ़ की दोस्ती पर हिंदी बाल-कहानी

चाँद और लम्बू जिराफ़ की दोस्ती पर हिंदी बाल-कहानी

रोज़ की तरह आज फ़िर खेल-खेल में चाँद सितारों की आपस में लड़ाई हो गई थी। चाँद बेचारा क्या करता, वह एक तरफ़ अकेला पड़ जाता और ढेर सारे सितारे एक तरफ़… आख़िर चाँद रूठ गया और बोला – “मैं जा रहा हूँ, धरती की ओर…” सितारे यह सुनकर घबरा गए। उन्होंने उसे बहुत मनाया। उसकी बड़ी खुशामद की, पर …

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योग दिवस पर दिलचस्प कहानी: स्वीटू का प्राणायाम

योग दिवस पर दिलचस्प कहानी: स्वीटू का प्राणायाम

आज सुबह से नीलू चिड़िया तालाब के किनारे बैठी अपनी सहेली स्वीटू मछली का बहुत देर से इंतज़ार कर रही थी पर स्वीटू का कहीं अता पता नहीं था। नीलू को अब भूख भी लगने लगी थी। उसने इधर उधर कुछ खाने के लिए ढूंढना शुरू किया। तभी कुछ दूरी पर चिप्स के टुकड़े देखकर उसके मुँह में पानी आ …

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पितृ दिवस पर कहानी: बाबूजी

Hindi Moral Story about a School Teacher परोपकार

जब ईश्वर जरुरत से ज्यादा झोली में गिर देता हैं तो वह भी मनुष्य के लिए अहंकार और पतन का कारण बन जाता हैं। ऐसा ही कुछ हुआ चाँदनी के साथ… सभ्य, सुशील और बेहद महत्वकांशी चाँदनी को जब महात्मा गाँधी के आदर्शों पर जीवन पर्यन्त चलने वाले ईमानदार और अकेले बाबूजी ने उसे पहली बार सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल …

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नशा: तम्बाकू सेवन के हानिकारक प्रभाव और पश्चाताप की कहानी

नशा - पश्चाताप की कहानी

क्या चाचा, लो जरा सा आईना तो देख लो… कितने दिन हो गए तुमने बाल भी नहीं सँवारे। सूरज की आवाज़ से मैं खिड़की से बाहर झाँकता हुआ जैसे नींद से जागा। मैंने पनियल आँखों से सूरज की ओर देखा, जो मेरा भतीजा था पर आज मेरे बेटे से बढ़कर मेरा साथ दे रहा था। वो मेरी मन-स्तिथि समझ गया …

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ईदगाह: प्रेमचंद की ईद के त्यौहार पर लोकप्रिय कहानी

ईदगाह - Heart Touching Hindi Story by Munshi Premchand

मुंशी प्रेमचंद (अंग्रेज़ी: Munshi Premchand, जन्म: 31 जुलाई, 1880 – मृत्यु: 8 अक्टूबर, 1936) भारत के उपन्यास सम्राट माने जाते हैं जिनके युग का विस्तार सन् 1880 से 1936 तक है। यह कालखण्ड भारत के इतिहास में बहुत महत्त्व का है। इस युग में भारत का स्वतंत्रता-संग्राम नई मंज़िलों से गुज़रा। प्रेमचंद का वास्तविक नाम धनपत राय श्रीवास्तव था। वे …

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देव-कन्या: नर्स और मरीज की एक प्रेरणादायक कहानी

Dev kanya

“लगता है जिन्दगी और मौत के बीच का फासला बहुत कम है…!” “ऐसा मत बोलो… जन्म हो या मृत्यु, जो कुछ ऊपर वाले ने लिख दिया वह होना तय है, घबराने से कुछ नहीं मिलता! जिन्दगी के साथ सुख-दुःख तो लगे ही रहते हैं।” “और तो कुछ नहीं, बस छोटी का विवाह मेरे सामने हो जाता फिर भले ही चला …

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