Tag Archives: Mother Poems for Students

स्कूल मैगज़ीन से ली गयी बाल-कविताएँ

अलगाव में लगाव: सुजाता भट्टाचार्या एक थे बापू, एक थे नेताजी ‘सुभाष’ विचारों ने जिनके हलचल मचा दी। एक ने कहा ‘अहिंसा’ परमोधर्म, दूजा बोला स्वराज पाकर लेंगे दम।। एक करता आंदोलन सारी, दूजा बनता फौज भारी। दोनों ने देखा एक ही सपना, पर ढंग था, दोनों का अपना-अपना।। मंजिल एक, रास्ते अलग, ना रुके पहुँचे फलक। बापू बोले तुम …

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संस्कृत कविताएं विद्यार्थियों और बच्चों के लिए

संस्कृत कविताएं विद्यार्थियों और बच्चों के लिए

मां माँ, माँ त्वम्  संसारस्य अनुपम् उपहार, न त्वया सदृश्य कस्याः स्नेहम्, करुणा-ममतायाः त्वम् मूर्ति, न कोअपि कर्त्तुम् शक्नोति तव क्षतिपूर्ति। तव चरणयोः मम जीवनम् अस्ति, ‘माँ’शब्दस्य महिमा अपार, न माँ सदृश्य कस्याः प्यार, माँ त्वम् संसारस्य अनुपम् उपहार। ~ केसिया कुन्जुमौन, दशवीं-बी, St. Gregorios School, Sector 11, Dwarka, New Delhi – 75 जय वृक्ष! जय वृक्ष श्रूयताम् सर्वे वृक्षपुराणम्, …

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