Tag Archives: Life And Time Hindi Poems

बंदर आया: अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

बंदर आया - अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

Here is a simple poem on monkeys for children by the well known poet Ayodhya Singh Hariaudh. The era when madaris would go around with their damroo and monkeys dressed in colorful clothes and put up a street show of Bandar and bandaria, are now gone. Kids now do not get opportunity to see the performance of bandar on cue …

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श्वेत कबूतर: अचानक मिलने वाली खुशी पर कविता

श्वेत कबूतर: वीरबाला भावसार

श्वेत कबूतर कविता: It happens some times. We get suddenly and without expecting, some thing that we had longed for a long long time. Heart is thrilled, and it sings, and dances! Coming of a white pigeon is a metaphor of such a rare thrill. श्वेत कबूतर कविता: डॉ. वीरबाला मेरे आंगन श्वेत कबूतर! उड़ आया ऊंची मुंडेर से, मेरे …

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पिता की भावनाएं Father’s Day Special Hindi Poem

पिता की भावनाएं Father's Day Special Hindi Poem

पिता की भावनाएं: निशीथ द्विवेदी फादर्स डे पिताओं के सम्मान में एक व्यापक रूप से मनाया जाने वाला पर्व हैं जिसमे पितृत्व (फादरहुड), पितृत्व-बंधन तथा समाज में पिताओं के प्रभाव को समारोह पूर्वक मनाया जाता है। भारत और अनेक देशों में इसे जून के तीसरे रविवार, तथा बाकी देशों में अन्य दिन मनाया जाता है। यह माता के सम्मान हेतु मनाये …

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ठंडे ठंडे पानी से नहाना चाहिए Father’s Day Funny Hindi Song

ठंडे ठंडे पानी से नहाना चाहिए: आनंद बक्षी

ठंडे ठंडे पानी से नहाना चाहिए: आनंद बक्षी ठंडे ठंडे पानी से नहाना चाहिए गाना आये या ना आये गाना चाहिए बेटा बजाओ ताली गाते हैं हम कव्वाली बजने दो एक तारा छोड़ो ज़रा फव्वारा ये बाल्टी उठाओ ढोलक इसे बनाओ बैठे हो क्या ये लेकर ये घर है या है थिएटर पिक्चर नहीं है जाना बाहर नहीं है आना …

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काका हाथरसी के दोहे

काका हाथरसी के दोहे

सन १९०६ में हाथरस में जन्मे काका हाथरसी (असली नाम: प्रभुनाथ गर्ग) हिंदी व्यंग्य के मूर्धण्य कवि थे। उनकी शैली की छाप उनकी पीढ़ी के अन्य कवियों पर तो पड़ी ही, आज भी अनेकों लेखक और व्यंग्य कवि काका की रचनाओं की शैली अपनाकर लाखों श्रोताओं और पाठकों का मनोरंजन कर रहे हैं। व्यंग्य का मूल उद्देश्य लेकिन मनोरंजन नहीं …

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चांद पर मानव: काका हाथरसी

This poem was written by Kaka Hathrasi, when man had for the first time reached on moon. Big deal! Many thought. चांद पर मानव: काका हाथरसी ठाकुर ठर्रा सिंह से बोले आलमगीर पहुँच गये वो चाँद पर, मार लिया क्या तीर मार लिया क्या तीर, लौट पृथ्वी पर आये किये करोड़ों खर्च, कंकड़ी मिट्टी लाये ‘काका’, इससे लाख गुना अच्छा …

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कुछ तो स्टैंडर्ड बनाओ: काका हाथरसी

दाढ़ी महिमा - काका हाथरसी

Here is an excerpt from a very funny and at a time very popular poem of Kaka Hathrasi. See Kakas advice on how to raise the standard of your life! प्रकृति बदलती क्षण-क्षण देखो, बदल रहे अणु, कण-कण देखो। तुम निष्क्रिय से पड़े हुए हो। भाग्य वाद पर अड़े हुए हो। छोड़ो मित्र! पुरानी डफली, जीवन में परिवर्तन लाओ। परंपरा …

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योग पर आधारित हिंदी कविता संग्रह

Sanskrit Poem on Importance of Yoga योगस्य महत्त्वम्

योग क्या है? संस्कृत धातु ‘युज‘ से निकला है, जिसका मतलब है व्यक्तिगत चेतना या आत्मा का सार्वभौमिक चेतना या रूह से मिलन। योग, भारतीय ज्ञान की पांच हजार वर्ष पुरानी शैली है। हालांकि कई लोग योग को केवल शारीरिक व्यायाम ही मानते हैं, जहाँ लोग शरीर को मोडते, मरोड़ते, खींचते हैं और श्वास लेने के जटिल तरीके अपनाते हैं। …

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माँ-बाप: बुजुर्ग माता पिता पर हिंदी कविता

माँ-बाप: बुजुर्ग माता पिता पर हिंदी कविता

देखते ही देखते जवान, माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं… सुबह की सैर में, कभी चक्कर खा जाते है, सारे मौहल्ले को पता है, पर हमसे छुपाते है… दिन प्रतिदिन अपनी, खुराक घटाते हैं, और तबियत ठीक होने की, बात फ़ोन पे बताते है… ढीली हो गए कपड़ों, को टाइट करवाते है, देखते ही देखते जवान, माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं…! …

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साल आया है नया: हुल्लड़ मुरादाबादी की हास्य कविता

साल आया है नया - हुल्लड़ मुरादाबादी

Hullad Moradabadi (29 May 1942 – 12 July 2014) was an Indian poet, humorist and satirist of Hindi language. He had authored several Hindi books including Itni uchi mat chodo, kya karegi chandni, Ye ander ki bat hai, Triveni and Hullad ka Hullad. He was a poet of Hindi Kavi sammelan. Born in Gujranwala, now in Pakistan as Susheel Kumar …

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