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Tag Archives: Kids Hindi Poems

गंगा मैया हो एक भाई दे दो: बहन की भगवान से प्रार्थना

गंगा मैया हो एक भाई दे दो - A little girl's prayer

Gender Discrimination: Gender based discrimination against female children is pervasive across the world. It is seen in all the strata of society and manifests in various forms. As per the literature, female child has been treated inferior to male child and this is deeply engraved in the mind of the female child. Some argue that due to this inferior treatment …

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रक्षा बंधन: राखी के त्यौहार पर हिंदी बाल-कविता

रक्षा बंधन: अन्वेषा साईं

हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रमुख त्योहारों में राखी का खास महत्व है। भाई-बहनों का यह त्योहार हर साल हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। रक्षाबंधन का पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। राखी के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं और भाई बहनों को उपहार देते हैं और हमेशा उनकी रक्षा करने का …

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भारत गुण–गौरव: शमशेर बहादुर सिंह देश प्रेम बाल-कविता

भारत गुण–गौरव: शमशेर बहादुर सिंह देश प्रेम बाल-कविता

Here is an old poem of Shamsher Bahadur Singh, in praise of ancient motherland India. शमशेर बहादुर सिंह (जन्म: 13 जनवरी, 1911 – मृत्यु: 12 मई, 1993) आधुनिक हिंदी कविता के प्रगतिशील कवि हैं। ये हिंदी तथा उर्दू के विद्वान हैं। प्रयोगवाद और नई कविता के कवियों की प्रथम पंक्ति में इनका स्थान है। इनकी शैली अंग्रेज़ी कवि एजरा पाउण्ड …

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बाल श्रमिक: भारत के बाल मजदूरों पर हिंदी कविता

बाल श्रमिक - भारत के बाल मजदूरों पर हिंदी कविता

बाल मजदूरी बच्चों से लिया जाने वाला काम है जो किसी भी क्षेत्र में उनके मालिकों द्वारा करवाया जाता है। ये एक दबावपूर्णं व्यवहार है जो अभिवावक या मालिकों द्वारा किया जाता है। बचपन सभी बच्चों का जन्म सिद्ध अधिकार है जो माता-पिता के प्यार और देख-रेख में सभी को मिलना चाहिए, ये गैरकानूनी कृत्य बच्चों को बड़ों की तरह …

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बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया: आनंद बक्षी का मदर्स डे स्पेशल गाना

बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया - आनंद बक्षी Mothers Day Filmi Song

बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया का करे यशोदा मैय्या – 2 ढूंढें री अखियाँ उसे चहू ओर जाने कहाँ छुप गया नंदकिशोर उड़ गया जैसे पुरवय्या का करे यशोदा मैय्या आ तोहे मैं गले से लगा लूं लागे ना किसी की नज़र, मन में छूपा लूं धूप जगत है रे ममता है छैय्या का करे यशोदा मैय्या मेरे जीवन …

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माँ: श्रेया गौर – बाल भेदभाव पर हिंदी बाल-कविता

माँ - श्रेया गौर Request from a girl child to her mother

माँ! मैं कुछ कहना चाहती हूँ, माँ! मैं जीना चाहती हूँ। तेरे आँगन की बगिया में चाहती हूँ मैं पलना, पायल की छमछम करती, चाहती मैं भी चलना। तेरी आँखों का तारा बन चाहती झिलमिल करना, तेरी सखी सहेली बन चाहती बातें करना। तेरे आँगन की तुलसी बन, तुलसी सी चाहती मैं हूँ बढ़ना, मान तेरे घर का बन माँ! …

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मेरी माँ: यांशिका तंवर – मदर्स डे पर हिंदी बाल-कविता

मेरी माँ - यांशिका तंवर Mothers Day Special Hindi Poem

मेरी माँ माँ मेरी है, सबसे प्यारी, अच्छी बात सिखाती है, अपनी धुन में बढ़ते जाना ये हमको सिखलाती है। माँ मेरी है, सबसे प्यारी। अच्छे-अच्छे काम करें हम, देश का ऊँचा नाम करें हम ये हमको बतलाती है। माँ मेरी है, सबसे प्यारी। अपने गुरु का कहना मानों कभी ना उनकी बात टालो गलती अगर तुम से हो जाती …

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मछली जल की रानी है – जीवन उसका पानी है: नर्सरी राइम

मछली जल की रानी है-Short Hindi Nursery Rhyme

मछली जल की रानी है मछली जल की रानी है जीवन उसका पानी है हाथ लगाओ डर जाएगी बाहर निकालो मर जाएगी सारा पानी पी जाएगी फिर वो स्कूल नही जाएगी टीचर जी के घर जाएगी एक समोसा खा जाएगी फिर वो मोटी हो जाएगी फिर घर जाकर सो जाएगी ~ एनोनिमस

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स्कूल मैगज़ीन से ली गयी बाल-कविताएँ

अलगाव में लगाव: सुजाता भट्टाचार्या एक थे बापू, एक थे नेताजी ‘सुभाष’ विचारों ने जिनके हलचल मचा दी। एक ने कहा ‘अहिंसा’ परमोधर्म, दूजा बोला स्वराज पाकर लेंगे दम।। एक करता आंदोलन सारी, दूजा बनता फौज भारी। दोनों ने देखा एक ही सपना, पर ढंग था, दोनों का अपना-अपना।। मंजिल एक, रास्ते अलग, ना रुके पहुँचे फलक। बापू बोले तुम …

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हो हल्ला है होली है: प्रभुदयाल श्रीवास्तव – होली विशेष हिंदी बाल-कविता

होली विशेष हिंदी बाल-कविता: हो हल्ला है होली है

उड़े रंगों के गुब्बारे हैं, घर आ धमके हुरयारे हैं। मस्तानों की टोली है, हो हल्ला है, होली है। मुंह बन्दर सा लाल किसी का, रंगा गुलाबी भाल किसी का। कोयल जैसे काले रंग का, पड़ा दिखाई गाल किसी का। काना फूसी कुछ लोगों में, खाई भांग की गोली है। ढोल ढमाका ढम ढम ढम ढम, नाचे कूदे फूल गया …

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