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Tag Archives: Hindi Stories on Monotonous Life

होली स्पेशल: राजा की होली केक के संग

होली स्पेशल: राजा की होली केक के संग

मिट्टी की सोंधी महक के साथ ही ताजे केक की सुगंध हवेली के चारों ओर फ़ैल चुकी थी। पुरानी सी हलके पीले रंग की हवेली, जो अब तक गुमनाम पड़ी हुई थी आजकल “केक वाली हवेली” के नाम से जानी जाती थी। “केक वाली हवेली” का नाम गाँव वालों का ही दिया हुआ था क्योंकि उस हवेली को दूर से …

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हँस दी गुड़िया: आजादी पाने की चाह

हँस दी गुड़िया

शो केस पर सजी हुई रंगबिरंगी गुड़िया बहुत देर से सड़क की और देख रही थी। कितने दिन हो गए थे, उसे फ़ैक्टरी से बन कर आये हुए, पर कोई भी अब तक खरीदने नहीं आया था।काँच की दीवार में रहना उसे बिलकुल पसंद नहीं था।उसने साथ खड़े झबरीले पूँछ वाले से मोती कुत्ते से पूछा – “दुकान के सभी …

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हास्यप्रद बाल-कहानी: ऐसे मना दशहरा

हास्यप्रद बाल-कहानी: ऐसे मना दशहरा

“दशहरे पर मैं रावण देखने जाऊंगी” दस साल की चित्राणी ने एलान कर दिया। “और मैं हमेशा की तरह नहीं ले जाऊँगा” पापा ने अखबार पढ़ते हुए ही जवाब दिया। “क्या हो जाएगा, अगर हम लोग रावण देखने चले जाएँगे… पूरी दुनिया तो जाती है” मम्मी ने हर साल की तरह रटा रटाया वाक्य दोहराया। मम्मी की बात पर चित्राणी …

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शिक्षाप्रद हिंदी बाल-कहानी: बुद्धिमान बंजारा

Munshi Premchand Classic Hindi Story दो बैलों की कथा

एक बंजारा था। वह बैलों पर मेट (मुल्तानी मिट्टी) लादकर दिल्ली की तरफ आ रहा था। रास्ते में कई गांवों से गुजरते समय उसकी बहुत-सी मेट बिक गई। बैलों की पीठ पर लदे बोरे आधे तो खाली हो गए और आधे भरे रह गए। अब वे बैलों की पीठ पर टिके कैसे? क्योंकि भार एक तरफ हो गया। नौकरों ने …

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