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Tag Archives: Hindi Stories on Helplessness

मिट्ठू: बेवजह चिंता जीवन में कायरता और विष भर देती है

मिट्ठू: बेवजह चिंता जीवन में कायरता और विष भर देती है

अपने बगल में दूसरे तोते का पिंजरा लटका हुआ देख मिट्ठू को बड़ा आश्चर्य हुआ। “मुझे तो किसी ने बताया भी नहीं कि घर में दूसरा तोता आ रहा है” मिट्ठू ने सोचा। तभी सामने से चीनू उछलता कूदता आया और मम्मी से बोला – “मम्मी, मेरा तोता कब आएगा?” “पापा ने बोला है ना आ जाएगा, अब जाओ और …

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जिंदगी से बड़ा इम्तिहान? असफलता में छिपी है सफलता

जिंदगी से बड़ा इम्तिहान? असफलता में छिपी है सफलता

चंद पंक्तियों को माता पिता के आँसुओं पर भारी रखकर चले जाना और बड़ी आसानी से लिख देना “मैं आपकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाया… या फिर मेरा पेपर अच्छा नहीं हुआ, इसलिए मैं जा रहा हूँ हो सके तो मुझे माफ़ कर देना…”। बारहवीं की परीक्षा के मात्र दो पेपर होने के बाद ही समाचार पत्र मासूम बच्चों …

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दिल छू लेने वाली कहानी: दिवाली के दिए

Heart touching story about Diwali Festival दिवाली के दिए

पखवाड़े बाद दिवाली थी। सारा शहर दीवाली के स्वागत में रोशनी से झिलमिला रहा था। कहीं चीनी मिटटी के बर्तन बिक रहे थे तो कहीं मिठाई की दुकानो से आने वाली मन भावन सुगंध लालायित कर रही थी। उसका दिल दुकान में घुसने का कर रहा था और मस्तिष्क तंग जेब के यथार्थ का बोध करवा रहा था। “दिल की छोड़ …

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अनोखा दशहरा: हास्यप्रद कहानी सोने के पत्तों की

अनोखा दशहरा: मंजरी शुक्ला

बहुत समय पहले की बात हैं। उदयपुर राज्य में एक राजा राज्य करता था माधोसिंघ। उसके दिमाग में रह रह कर तरह तरह के फ़ितूर आते रहते थे। इस कारण कभी तो उसकी हरकतों पर लोग हँसते हँसते लोटपोट हो जाते तो कई बार उसे सबके साथ इसका खामियाज़ा भी भुगतना पड़ता पर वो अपनी पुरानी गलतियों से सीख ना लेते हुए एक …

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शिबू ने लालटेन जलाई – सबने दिवाली मनाई: मंजरी शुक्ला

शिबू ने लालटेन जलाई - सबने दिवाली मनाई: मंजरी शुक्ला

बहुत समय पहले की बात है… एक गाँव था शिवपुर। उसी गाँव में एक चरवाहा रहता था, बहुत ही सीधा और भोला-भाला बिना किसी लालच और बिना किसी स्वार्थ के सबके दुःख सुख में एक पैर से खड़ा रहता था। गाँव वाले भी उसकी निश्चलता के कारण उसे बहुत प्यार करते थे। शिबू बड़ी ही मेहनत से गाँव वालों की …

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सआदत हसन मंटो की विवादास्पद कहानी: खोल दो

सआदत हसन मंटो की विवादास्पद कहानी: खोल दो

अमृतसर से स्पेशल ट्रेन दोपहर दो बजे चली और आठ घंटों के बाद मुगलपुरा पहुंची। रास्ते में कई आदमी मारे गए। अनेक जख्मी हुए और कुछ इधर-उधर भटक गए। सुबह दस बजे कैंप की ठंडी जमीन पर जब सिराजुद्दीन ने आंखें खोलीं और अपने चारों तरफ मर्दों, औरतों और बच्चों का एक उमड़ता समुद्र देखा तो उसकी सोचने-समझने की शक्तियां …

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सआदत हसन मंटो की लोकप्रिय कहानी हिंदी में: लाइसेंस

लाइसेंस - सआदत हसन मंटो

अब्बू कोचवान बड़ा छैल-छबीला था। उसका तांगा-घोड़ा भी शहर में नंबर वन था। वह कभी मामूली सवारी नहीं बिठाता था। उसके लगे-बंधे गाहक थे, जिनसे उसको रोजाना 10-15 रुपए वसूल हो जाते थे, जो उसके लिए काफ़ी थे। दूसरे कोचवानों की तरह उसे नशा-पानी की आदत नहीं थी, लेकिन साफ़-सुथरे कपड़े पहनने और हर वक़्त बांका बने रहने का उसे …

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Krishna and Narakasura: Hindu Mythology

Krishna and Narakasura: Naraka - asura son of mother Earth

Narakasura was a legendary figure, the progenitor of the Bhauma dynasty of Pragjyotisha. He is considered to be a son of Bhudevi, fathered by Vishnu in his Varaha incarnation. He is claimed as one who established Pragjyotisha. He was killed by Krishna and his son. Bhagadatta of Mahabharata fame, succeeded him. Bhoomi Devi (mother Earth) had a son named Naraka. …

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योग्य वर की तलाश: ज्ञानवर्धक हिन्दी बाल कहानी

योग्य वर की तलाश: ज्ञानवर्धक हिन्दी बाल कहानी

बहुत पुराने समय की बात है जब भारत देश छोटे-छोटे राज्यों में बंटा हुआ था। एक राज्य के राजा थे विक्रम सिंह। सावित्री देवी पत्नी के रूप में रानी थी। उनकी एक ही बेटी थी राजकुमारी मनीषा जो बहुत ही समझदार और सुन्दर थी। राज्य के सभी कार्य सुचारू रुप से चल रहे थे। राजकुमारी मनीषा की आयु शादी लायक …

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पितृ दिवस पर कहानी: बाबूजी

Hindi Moral Story about a School Teacher परोपकार

जब ईश्वर जरुरत से ज्यादा झोली में गिर देता हैं तो वह भी मनुष्य के लिए अहंकार और पतन का कारण बन जाता हैं। ऐसा ही कुछ हुआ चाँदनी के साथ… सभ्य, सुशील और बेहद महत्वकांशी चाँदनी को जब महात्मा गाँधी के आदर्शों पर जीवन पर्यन्त चलने वाले ईमानदार और अकेले बाबूजी ने उसे पहली बार सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल …

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