Home » Tag Archives: Hindi Stories on Desire

Tag Archives: Hindi Stories on Desire

भारत की लोकप्रिय लोक कथाएं: जादुई ढोल – आराधना झा

पश्चिम भारत के एक छोटे-से राज्य में, धर्मराज नामक एक बुद्धिमान और न्यायप्रिय राजा रहता था। उसकी प्रजा के मन में उसके लिए बहुत श्रद्धा और आदर था। राजा धर्मराज बहुत लम्बा, ऊंचा और रूपवान था। उसके सिर के बाल काले और घने थे जिन्हे उसका ख़ास कोई भोलू ही काटता था। भोलू यह काम कई वर्षों से कर रहा …

Read More »

जिंदगी से बड़ा इम्तिहान? असफलता में छिपी है सफलता

जिंदगी से बड़ा इम्तिहान? असफलता में छिपी है सफलता

चंद पंक्तियों को माता पिता के आँसुओं पर भारी रखकर चले जाना और बड़ी आसानी से लिख देना “मैं आपकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाया… या फिर मेरा पेपर अच्छा नहीं हुआ, इसलिए मैं जा रहा हूँ हो सके तो मुझे माफ़ कर देना…”। बारहवीं की परीक्षा के मात्र दो पेपर होने के बाद ही समाचार पत्र मासूम बच्चों …

Read More »

रॉबिन का क्रिसमस: नैतिक मूल्य से जुड़ी एक कहानी

रॉबिन का क्रिसमस: नैतिक मूल्य से जुड़ी एक कहानी

पड़ोस वाले अंकल अपने माली को डाँट रहे थे और रॉबिन उनके बगीचे के गुलाब हाथ में पकड़े हुए आज फ़िर अपने लॉन में बैठ कर कोई नई शरारत करने के लिए सोच रहा था।मोहल्ले की गली से लेकर नुक्कड़ तक कोई भी ऐसी जगह नहीं बची थी, जहाँ पर क्रिकेट के साथ-साथ रॉबिन की शैतानियों की चर्चा ना होती …

Read More »

प्रेरणादायक हिंदी बाल-कहानी: बिट्टू की दिवाली

आई रे आई दिवाली - टीना जिंदल

बहुत सारे पटाखे, मिठाई और नए नए कपड़े चाहिए मुझे इस दिवाली पर… कहता हुआ नन्हा बिट्टू पैर पटककर माँ के सामने जमीन पर ही लोट गया। उसकी मम्मी ने अपनी हँसी को दबाते हुए कहा – “हाँ – हाँ, सब ले आयेंगे”। यह सुनकर बिट्टू बड़े ही लाड़ से माँ के गले में हाथ डालता हुआ फुसफुसाया, मानों किसी खजाने …

Read More »

चाँद और लम्बू जिराफ़ की दोस्ती पर हिंदी बाल-कहानी

चाँद और लम्बू जिराफ़ की दोस्ती पर हिंदी बाल-कहानी

रोज़ की तरह आज फ़िर खेल-खेल में चाँद सितारों की आपस में लड़ाई हो गई थी। चाँद बेचारा क्या करता, वह एक तरफ़ अकेला पड़ जाता और ढेर सारे सितारे एक तरफ़… आख़िर चाँद रूठ गया और बोला – “मैं जा रहा हूँ, धरती की ओर…” सितारे यह सुनकर घबरा गए। उन्होंने उसे बहुत मनाया। उसकी बड़ी खुशामद की, पर …

Read More »

नन्हे छोटू की बड़ी कहानी: मानवाधिकार पर बाल-कहानी

नन्हे छोटू की बड़ी कहानी: मानवाधिकार पर बाल-कहानी

सर्दी की छुट्टियाँ आ गई थी और रिमझिम के तो खुशी के मारे पैर ज़मीन पर ही नहीं पड़ रहे थे। उसके पापा उसे उसकी बेस्ट फ्रैंड स्वाति के घर छोड़ने के लिए तीन दिन के लिए तैयार हो गए थे। रिमझिम और स्वाति एक दूसरे के साथ जी भर कर मस्ती करना चाहती थी, इसलिए दोनों ही बहुत खुश …

Read More »