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Tag Archives: Hindi Stories on Compromise

छोटे बच्चों की हास्यप्रद कहानी: बरगद का चश्मा

छोटे बच्चों की हास्यप्रद कहानी: बरगद का चश्मा

फूलों से लदे हुए जंगल में चारों तरफ़ रंगबिरंगी तितलियाँ उड़ रही थी। भौरें गुनगुना रहे थे और चारों तरफ़ ठंडी ठंडी हवा बह रही थी। सभी बहुत खुश थे पर अगर कोई उदास था तो वह था बरगद का पेड़। और उसकी इस उदासी का कारण था उसका सबसे अच्छा दोस्त बादल। अब ये भी सोचने की बात है …

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प्रेरणादायक हिंदी बाल-कहानी: बिट्टू की दिवाली

आई रे आई दिवाली - टीना जिंदल

बहुत सारे पटाखे, मिठाई और नए नए कपड़े चाहिए मुझे इस दिवाली पर… कहता हुआ नन्हा बिट्टू पैर पटककर माँ के सामने जमीन पर ही लोट गया। उसकी मम्मी ने अपनी हँसी को दबाते हुए कहा – “हाँ – हाँ, सब ले आयेंगे”। यह सुनकर बिट्टू बड़े ही लाड़ से माँ के गले में हाथ डालता हुआ फुसफुसाया, मानों किसी खजाने …

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चूहों की दिवाली: चतुर चूहों की चटपटी कहानी

चूहों की दिवाली: चतुर चूहों की चटपटी कहानी

जब से चूहों को पता चला था कि दिवाली आने वाली है तो उनमें कानाफूसी शुरू हो गई थी। सबने मिलकर एक शाम को एक मीटिंग करने का निश्चय किया। छोटा चूहा, मोटा चूहा, लम्बा चूहा, नाटा चूहा, कोई भी नहीं छूटा… सब भागते हुए मीटिंग अटेंड करने जा पहुँचे थे। मीटिंग की राय देने वाले नाटू चूहे की तो ख़ुशी देखते ही बन …

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दिल छू लेने वाली कहानी: दिवाली के दिए

Heart touching story about Diwali Festival दिवाली के दिए

पखवाड़े बाद दिवाली थी। सारा शहर दीवाली के स्वागत में रोशनी से झिलमिला रहा था। कहीं चीनी मिटटी के बर्तन बिक रहे थे तो कहीं मिठाई की दुकानो से आने वाली मन भावन सुगंध लालायित कर रही थी। उसका दिल दुकान में घुसने का कर रहा था और मस्तिष्क तंग जेब के यथार्थ का बोध करवा रहा था। “दिल की छोड़ …

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शिबू ने लालटेन जलाई – सबने दिवाली मनाई: मंजरी शुक्ला

शिबू ने लालटेन जलाई - सबने दिवाली मनाई: मंजरी शुक्ला

बहुत समय पहले की बात है… एक गाँव था शिवपुर। उसी गाँव में एक चरवाहा रहता था, बहुत ही सीधा और भोला-भाला बिना किसी लालच और बिना किसी स्वार्थ के सबके दुःख सुख में एक पैर से खड़ा रहता था। गाँव वाले भी उसकी निश्चलता के कारण उसे बहुत प्यार करते थे। शिबू बड़ी ही मेहनत से गाँव वालों की …

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शिक्षाप्रद हिंदी कहानी: दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग

शिक्षाप्रद हिंदी कहानी: दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग

“ऑनलाइन शॉपिंग का क्या बुखार चढ़ा है तुम्हें”? रोहित आशीष के कमरे में घुसता हुआ बोला। “हा हा… कितने आराम से सभी चीज़े घर बैठे मिल जाती है और वो भी बहुत सस्ती” आशीष हँसते हुए बोला। “वो तो ठीक है, पर इसका मतलब ये तो नहीं कि तू पेन से लेकर पेंसिल तक ऑनलाइन ही ख़रीदे। हम सब दोस्तों …

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शिक्षाप्रद हिंदी बाल-कहानी: बुद्धिमान बंजारा

Munshi Premchand Classic Hindi Story दो बैलों की कथा

एक बंजारा था। वह बैलों पर मेट (मुल्तानी मिट्टी) लादकर दिल्ली की तरफ आ रहा था। रास्ते में कई गांवों से गुजरते समय उसकी बहुत-सी मेट बिक गई। बैलों की पीठ पर लदे बोरे आधे तो खाली हो गए और आधे भरे रह गए। अब वे बैलों की पीठ पर टिके कैसे? क्योंकि भार एक तरफ हो गया। नौकरों ने …

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बड़े घर की बेटी: ग्रामीण घर गृहस्थी पर मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी

Munshi Premchand Short Story Bade Ghar Ki Beti in Hindi बड़े घर की बेटी

बड़े घर की बेटी मुंशी प्रेमचंद जी द्वारा लिखित प्रसिद्ध कहानी है। इस कहानी में उन्होंने संयुक्त परिवार में उत्पन्न होने वाली समस्याओं, कलहों, बात का बतंगड़ बन जाने और फिर आपसी समझदारी से बिगड़ती परिस्थिति को सामान्य करने का हुनर को दर्शाया है। बड़े घर की बेटी में कहानीकार ने पारिवारिक मनोविज्ञान को बड़ी ही सूक्ष्मता से बेनीमाधव सिंह, …

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मनु का होमवर्क: छात्रों के लिए प्रेरणादायक कहानी

मनु का होमवर्क: छात्रों के लिए प्रेरणादायक कहानी

“आज फ़िर तुम्हारी होमवर्क कॉपी में ढेर सारे लाल लाल निशान लगे हुए है” मम्मी ने थोड़ा गुस्से से मनु की ओर देखते हुए कहा। पर मनु भला मम्मी की बात कहाँ सुन रहा था, वह तो खिड़की से बाहर झाँकने में मगन था। इस बार मम्मी ने मनु का हाथ पकड़कर अपनी ओर खींचा और कॉपी दिखाते हुए कहा …

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पितृ दिवस पर कहानी: बाबूजी

Hindi Moral Story about a School Teacher परोपकार

जब ईश्वर जरुरत से ज्यादा झोली में गिर देता हैं तो वह भी मनुष्य के लिए अहंकार और पतन का कारण बन जाता हैं। ऐसा ही कुछ हुआ चाँदनी के साथ… सभ्य, सुशील और बेहद महत्वकांशी चाँदनी को जब महात्मा गाँधी के आदर्शों पर जीवन पर्यन्त चलने वाले ईमानदार और अकेले बाबूजी ने उसे पहली बार सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल …

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