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Tag Archives: Hindi Poems on Hindu Festivals

Maha Shivaratri Bhajans For Hindu Devotees

Maha Shivaratri Bhajans: Hindu Culture & Traditions

Mahashivaratri is an auspicious occasion for Hindus. It is the festival when Lord Shiva, one of the deities of Hindu Trinity (the other two being Lord Brahma and Lord Vishnu), is worshiped with immense devotion. The ceremonious occasion, which honors Lord Shiva, falls on the moonless 14th night of the new moon in the Hindu month of Phalgun, which corresponds …

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Shiva Chalisa: Maha Shivaratri Prayer in Hindi

Shiva Chalisa: Maha Shivaratri Culture & Traditions

Mahashivaratri is a special day for the devotees of Lord Shiva. On the festival, people would observe a fast for the entire day and sing bhajans and songs in the praise of the deity. Lord Shiva temples are flocked by devotees, as special puja is conducted all through the day. Different types of Abhishek are performed, with the use of …

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दीप जलाओ दीप जलाओ आज दिवाली रे: बाल-कविता

Diwali Festival Hindi Bal Kavita दीप जलाओ दीप जलाओ आज दिवाली रे

दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दिवाली रे, खुशी-खुशी सब हंसते आओ, आज दिवाली रे। मैं तो लूंगा खेल-खिलौने, तुम भी लेना भाई, नाचो, गाओ, खुशी मनाओ, आज दिवाली आई। आज पटाखे खूब चलाओ, आज दिवाली रे, दीप जलाओ, दीप जलाओ, आज दिवाली रे। नए-नए मैं कपड़े पहनूं, खाऊं खूब मिठाई, हाथ जोड़कर पूजा कर लूं आज दिवाली आई। खाओ मित्रों, …

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दिवाली पर हिंदी कविता: मंगल दीप दिवाली

Motivational Hindi Poem about Diwali Festival मंगल दीप दिवाली

वह मंगल दीप दिवाली थी, दीपों से जगमग थाली थी। कोई दिये जला कर तोड़ गया, आशा की किरन को रोक गया॥ इस बार न ये हो पाएगा, अँधियारा ना टिक पाएगा। कर ले कोशिश कोई लाख मगर, कोई दिया न बुझने पाएगा॥ जब रात के बारह बजते हैं, सब लक्ष्मी पूजा करते हैं। रात की कालिमा के लिए, दीपों …

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दिवाली के त्यौहार पर कविता: आई रे आई दिवाली

आई रे आई दिवाली - टीना जिंदल

आई रे आई दिवाली पटाखे तोहफे लायी दिवाली दिल को खुश करने आई दिवाली आई रे आई दिवाली आई रे आई दिवाली मज़े करते हुए बच्चे देखो मम्मी का ना पापा का डर है स्कूल का ना टीचर का डर है बल्ब फूल लगते पापा मंदिर सजाती देखो मम्मी बच्चे हैं खेलते कूदते पटाखों में एकदम मस्त हैं खाना देखो …

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दीपावली पर छोटी हिन्दी कविता: दिवाली रोज़ मनाएं

दिवाली रोज़ मनाएं - संदीप फाफरिया ‘सृजन’

दिवाली रोज मनाएं फूलझड़ी फूल बिखेरे चकरी चक्कर खाए अनार उछला आसमान तक रस्सी-बम धमकाए सांप की गोली हो गई लम्बी रेल धागे पर दौड़ लगाए आग लगाओ रॉकेट को तो वो दुनिया नाप आए टिकड़ी के संग छोटे-मोटे बम बच्चों को भाए ऐसा लगता है दिवाली हम तुम रोज मनाएं। ∼ संदीप फाफरिया ‘सृजन’

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गरीब की दिवाली: एक हृदय विदारक कविता

गरीब की दिवाली

पटाखों कि दुकान से दूर हाथों में, कुछ सिक्के गिनते मैंने उसे देखा। एक गरीब बच्चे कि आखों में, मैने दिवाली को मरते देखा। थी चाह उसे भी नए कपडे पहनने की, पर उन्ही पूराने कपडो को मैने उसे साफ करते देखा। हम करते है सदा अपने ग़मो कि नुमाईश, उसे चूप-चाप ग़मो को पीते देखा। जब मैने कहा, “बच्चे, …

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करवा चौथ: भारतीय सुहागिन का त्यौहार

Hindi Poem about Karwa Chauth Festival करवा चौथ

सुहाग का यह व्रत हर साल कार्तिक के पवित्र महीने में संकष्टी चतुर्थी के दिन यानी कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि को किया जाता है। सुहागनें इस दिन सुबह ब्रह्ममुहूर्त में सरगी खाकर व्रत अरंभ करती हैं। व्रत पूरे दिन का होता। रात में चांद को छन्नी से देखकर व्रत का समापन किया जाता है। इस व्रत में चांद को देखने …

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Karva Chauth Festival Poem करवा चौथ का चाँद

Karva Chauth Festival Hindi Poem करवा चौथ का चाँद

‘करवाचौथ‘ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है, ‘करवा’ यानी ‘मिट्टी का बरतन’ और ‘चौथ’ यानि ‘चतुर्थी’। इस त्योहार पर मिट्टी के बरतन यानी करवे का विशेष महत्व माना गया है। सभी विवाहित स्त्रियां साल भर इस त्योहार का इंतजार करती हैं और इसकी सभी विधियों को बड़े श्रद्धा-भाव से पूरा करती हैं। करवाचौथ का त्योहार पति-पत्नी के मजबूत रिश्ते, …

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होगा तभी दशहरा: विजय दशमी पर हिंदी कविता

होगा तभी दशहरा (विजय दशमी) - प्रकाश मनु

दशहरा के त्यौहार पर हिंदी कविता – होगा तभी दशहरा किस्सा एक पुराना बच्चों, लंका में था रावण, राजा एक महा-अभिमानी, काँपता जिससे कण-कण। उस अभिमानी रावण ने था, सबको खूब सताया, रामचन्द्र जब आये वन में, सीता को हर लाया। झिलमिल झिलमिल सोने की, लंका पैरो पे झुकती, और काल की गति भी भाई, उसके आगे रूकती। सुन्दर थी लंका, लंका …

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