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Tag Archives: Hindi Poems on Freedom

लाल बहादुर शास्त्री: कमला प्रसाद चौरसिया

लाल बहादुर शास्त्री - कमला प्रसाद चौरसिया

पैदा हुआ उसी दिन,जिस दिन बापू ने था जन्म लिया।भारत-पाक युद्ध में जिसनेतोड़ दिया दुनिया का भ्रम॥ एक रहा है भारत सब दिन, सदा रहेगा एक। युगों-युगों से रहे हैं इसमें भाषा-भाव अनेक॥आस्था और विश्वास अनेकों, होते हैं मानव के। लेकिन मानवता मानव की रही सदा ही नेक॥कद से छोटा था लेकिन था कर्म से बड़ा महान। हो सकता है …

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स्वामी विवेकानंद के भाषण पर प्रेरणादायक कविता

Swami Vivekananda

शिकागो धर्म सम्मेलन,1893 में दिया गया भाषण अमरीकी भाई बहनो कह, शुरू किये जब उद्बोधन। धर्म सभा स्तब्ध हुई थी, सुनकर उनका सम्बोधन॥आया उस प्राचीन देश से, जो संतो की है नगरी। पाया हूँ सम्मान यहाँ जो, भरी हर्ष से मन गगरी॥मेरा है वो धर्म जिसे सब, कहते धर्मो की माता। धरा गगन में होने वाली, हर हलचल की वो ज्ञाता॥करता हूँ नत …

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स्वामी विवेकानंद जी की कविता: सागर के वक्ष पर

युवा दिवस: स्वामी विवेकानंद जयंती पर जानकारी

सागर के वक्ष पर: स्वामी विवेकानंद जी नील आकाश में बहते हैं मेघदल,श्वेत कृष्ण बहुरंग,तारतम्य उनमें तारल्य का दीखता,पीत भानु-मांगता है विदा,जलद रागछटा दिखलाते।बहती है अपने ही मन से समीर,गठन करता प्रभंजन,गढ़ क्षण में ही, दूसरे क्षण में मिटता है,कितने ही तरह के सत्य जो असम्भव हैं –जड़ जीव, वर्ण तथा रूप और भाव बहु।आती वह तुलाराशि जैसी,फिर बाद ही …

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काली माता: स्वामी विवेकानंद की कविता

काली माता: स्वामी विवेकानंद छिप गये तारे गगन के,बादलों पर चढ़े बादल,काँपकर गहरा अंधेरा,गरजते तूफान में, शतलक्ष पागल प्राण छूटेजल्द कारागार से–द्रुमजड़ समेत उखाड़कर, हरबला पथ की साफ़ करके।शोर से आ मिला सागर,शिखर लहरों के पलटतेउठ रहे हैं कृष्ण नभ कास्पर्श करने के लिए द्रुत,किरण जैसे अमंगल कीहर तरफ से खोलती हैमृत्यु-छायाएँ सहस्रों,देहवाली घनी काली।आधिन्याधि बिखेग्ती, ऐनाचती पागल हुलसकरआ, जननि, …

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क्रिसमस: क्रिसमस डे पर हिंदी बाल-कविता

Santa and the Christmas gift: Children's Story

क्रिसमस डे पर कविता: राहुल उपाध्याय छुटि्टयों का मौसम हैत्योहार की तैयारी हैरौशन हैं इमारतेंजैसे जन्नत पधारी है।कड़ाके की ठंड हैऔर बादल भी भारी हैबावजूद इसके लोगों में जोश हैऔर बच्चे मार रहे किलकारी हैंयहाँ तक कि पतझड़ की पत्तियाँ भीलग रही सबको प्यारी हैंदे रहे हैं वो भी दानजो धन के पुजारी हैं।खुश हैं ख़रीदारऔर व्यस्त व्यापारी हैंखुशहाल हैं …

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क्रिसमस आया क्रिसमस आया: छोटे बच्चों की कविता

Christmas SMS - Christmas SMS Messages

क्रिसमस आया क्रिसमस आया,बच्चों का है मन ललचाया।सैंटा क्लॉज आएंगे,नए खिलौने लाएंगे।सैंटा क्लॉज ने दी आवाज,एनी आओ, पेनी आओ,जॉनी आओ, जॉन आओ,यीशु की ये याद का दिन है,बच्चों का ये प्यार का दिन है। ∼ वर्षा रस्तोगी

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आया है भाई हैप्पी क्रिसमस: बड़े दिन पर हिंदी बाल-कविता

How To Draw Santa Claus

गोलू, सोनू छोड़ो असमंजस,आया है भाई हैप्पी क्रिसमस।लो आई मस्ती की बहार,मांगो क्या चाहिए उपहार,सांता क्लॉज़ उनको ही देंगे,जिनका होगा सद्व्यवहार,किस उधेड़-बुन में गए फंस,आया है भाई हैप्पी क्रिसमस।ईसा मसीह का जन्मदिन,क्रिसमस ट्री सजाने का दिन,सभी मिल गाओ ताक-धिना-धिन,तोहफों का आनंद लो हंस हंस,आया है भाई हैप्पी क्रिसमस। ∼ विपिन

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सांता आओ: क्रिसमस पर बाल-कविता

Inspirational Christmas Hindi Poem for Children सांता आओ

सांता आओ सांता आओशांति और खुशहाली लाओचॉकलेट टॉफियां हुई पुरानीदेश प्रेम का सन्देश लाओसांता आओ सांता आओशांति और खुशहाली लाओआतंकवाद बढ़ा है देश मेंउसको दूर भगाओसांता आओ सांता आओशांति और खुशहाली लाओन्यारी प्यारी दुनिया सारीआतंकवाद से बिगड़ रही हैसबको प्यार का पाठ पढ़ाओसांता आओ सांता आओशांति और खुशहाली लाओ ∼ शिवांगी गोस्वामी [रॉयन इंटरनेशनल स्कूल, कक्षा – ५ ‘अ’ – जयपुर, राजस्थान]

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झाँसी की रानी: सुभद्रा कुमारी चौहान की वीर रस कविता

Subhadra Kumari Chauhan Veer Ras Hindi Poem झाँसी की रानी

Subhadra Kumari Chauhan has authored a number of popular works in Hindi poetry. Her most famous composition is Jhansi Ki Rani, an emotionally charged poem describing the life of Rani Lakshmi Bai. The poem is one of the most recited and sung poems in Hindi literature. This and her other poems, Veeron Ka Kaisa Ho Basant, Rakhi Ki Chunauti, and …

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आई अब की साल दिवाली: कैफ़ी आज़मी

आई अब की साल दिवाली मुँह पर अपने खून मले - कैफ़ी आज़मी

आई अब की साल दिवाली मुँह पर अपने खून मले आई अब की साल दिवाली चारों तरफ़ है घोर अन्धेरा घर में कैसे दीप जले आई अब की साल दिवाली… बालक तरसे फुलझड़ियों को (दीपों को दीवारें – २) माँ की गोदी सूनी सूनी (आँगन कैसे संवारे – २) राह में उनकी जाओ उजालों बन में जिनकी शाम ढले आई …

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