Tag Archives: Helplessness Hindi Stories

बेअरिंग की चोरी: हिंदी जासूसी कहानी

Hindi Detective Story हिंदी जासूसी कहानी - बेअरिंग की चोरी

Hindi Detective Story हिंदी जासूसी कहानी: बेअरिंग की चोरी – पेज 1 सारे नागपुर शहर में 17 वर्ष के किशोर जासूस राकेश की काफी चर्चा थी। राज्य स्तर के कुछ बड़े आपराधिक मामलों को सुलझा लेने के बाद अब लोग कहने लगे थे कि वह तीक्ष्ण बुद्धि का, चुस्त एवं विलक्षण युवक है। अखबारों में भी प्रायः उसके बारे में …

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ईदगाह: प्रेमचंद की ईद के त्यौहार पर लोकप्रिय कहानी

ईदगाह - Heart Touching Hindi Story by Munshi Premchand

ईदगाह: प्रेमचंद की लोकप्रिय कहानी – मुंशी प्रेमचंद (अंग्रेज़ी: Munshi Premchand, जन्म: 31 जुलाई, 1880 – मृत्यु: 8 अक्टूबर, 1936) भारत के उपन्यास सम्राट माने जाते हैं जिनके युग का विस्तार सन् 1880 से 1936 तक है। यह कालखण्ड भारत के इतिहास में बहुत महत्त्व का है। इस युग में भारत का स्वतंत्रता-संग्राम नई मंज़िलों से गुज़रा। प्रेमचंद का वास्तविक …

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नई सुबह: साक्षरता प्रेरक प्रेरणादायक बाल कहानी

नई सुबह: साक्षरता प्रेरक प्रेरणादायक बाल कहानी

“काँच के अंदर झाँकने से किताब पढ़ने को नहीं मिल जाएगा” चाय की गुमटी से बापू गुस्से से चीखे जो लाइब्रेरी के पास ही बनी हुई थी। छोटू पर इस बात का कोई असर नहीं हुआ। वह चेहरे से बारिश की बूँदें पोंछता हुआ शीशे के अंदर देखता रहा। अंदर का दृश्य उसके लिए किसी स्वप्न लोक से कम नहीं …

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बाला की दिवाली: गरीबों की सूनी दिवाली की कहानी

बाला की दिवाली: गरीबों की सूनी दिवाली की कहानी

“माँ… पटाखे लेने है मुझे” बाला ने दिवार के कोने में बैठे हुए कहा। “कहाँ से ले दूँ?” बाला की माँ, शांता का तुरंत जवाब आया। “पर दिवाली में तो सब बच्चे पटाखे फोड़ते है” बाला ने एक और कोशिश करते हुए कहा। “हाँ, पर उनके मम्मी पापा के पास पैसे होते है?” माँ ने रस्सी पर कपड़े डालते हुए …

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न्याय: घर की नौकरानी की रोजमरा के दुखों से टिक-टोक

न्याय: घर की नौकरानी की रोजमरा के दुखों से टिक-टोक

“पाँच हज़ार रुपये दे दो बाबूजी…” धन्नो बाबूजी के पैरों पर अपना सिर रखे दहाड़े मार कर रो रही थी और बाबूजी निर्विकार भाव से बैठकर पेपर पढ़ रहे थे। रोते-रोते धन्नों की हिचकियाँ बंध गई थी और आँखें सूजकर लाल हो चुकी थी पर बाबूजी किसी बुत की तरह बिना हिले डुले चुपचाप अपनी आरामकुर्सी पर बैठे हुए थे। …

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रिश्ता: बनते बिगड़ते रिश्तों की अनकही कहानी

बनते बिगड़ते रिश्तों की अनकही कहानी: रिश्ता

शानू, असलम चाचू आये है जरा दो कप चाय तो बनाकर लाना। “अदरक वाली… कड़क…” असलम चाचा बोले, जिन्हें मैं प्यार से चाचू बोलती थी। “घर में तो अदरक की फैक्टरी लगी है ना… अभी अभी कई देशों में भेजी है हमने…” कहते हुए दादी के पूजा घर में घंटे और घड़ियाल जोरों से घर में बजने लगे थे। मैंने …

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बच्चों के लिए रोचक हास्यप्रद बाल कहानी: जंपी मेंढक

बच्चों के लिए रोचक हास्यप्रद बाल कहानी: जंपी मेंढक

“दिन भर उछल कूद करते रहते हो। थोड़ी देर शांति से नहीं बैठ सकते” पीहू चिड़िया ने पानी से भीगे हुए पँख फड़फड़ाते हुए कहा। जंपी मेंढक कुछ कहता, इससे पहले ही घोंदू मगरमच्छ बोला – “इसके उछलने कूदने से मैं परेशान हो चुका हूँ। कल तो मेरी आँख ही फूटते हुए बची थी”। जंपी मेंढक सकपकाता हुआ बोला – …

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मिट्ठू: बेवजह चिंता जीवन में कायरता और विष भर देती है

मिट्ठू: बेवजह चिंता जीवन में कायरता और विष भर देती है

अपने बगल में दूसरे तोते का पिंजरा लटका हुआ देख मिट्ठू को बड़ा आश्चर्य हुआ। “मुझे तो किसी ने बताया भी नहीं कि घर में दूसरा तोता आ रहा है” मिट्ठू ने सोचा। तभी सामने से चीनू उछलता कूदता आया और मम्मी से बोला – “मम्मी, मेरा तोता कब आएगा?” “पापा ने बोला है ना आ जाएगा, अब जाओ और …

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जिंदगी से बड़ा इम्तिहान? असफलता में छिपी है सफलता

जिंदगी से बड़ा इम्तिहान? असफलता में छिपी है सफलता

चंद पंक्तियों को माता पिता के आँसुओं पर भारी रखकर चले जाना और बड़ी आसानी से लिख देना “मैं आपकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाया… या फिर मेरा पेपर अच्छा नहीं हुआ, इसलिए मैं जा रहा हूँ हो सके तो मुझे माफ़ कर देना…”। बारहवीं की परीक्षा के मात्र दो पेपर होने के बाद ही समाचार पत्र मासूम बच्चों …

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दिल छू लेने वाली कहानी: दिवाली के दिए

Heart touching story about Diwali Festival दिवाली के दिए

पखवाड़े बाद दिवाली थी। सारा शहर दीवाली के स्वागत में रोशनी से झिलमिला रहा था। कहीं चीनी मिटटी के बर्तन बिक रहे थे तो कहीं मिठाई की दुकानो से आने वाली मन भावन सुगंध लालायित कर रही थी। उसका दिल दुकान में घुसने का कर रहा था और मस्तिष्क तंग जेब के यथार्थ का बोध करवा रहा था। “दिल की छोड़ …

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