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Tag Archives: Frustration Hindi Stories

हँस दी गुड़िया: आजादी पाने की चाह

हँस दी गुड़िया

शो केस पर सजी हुई रंगबिरंगी गुड़िया बहुत देर से सड़क की और देख रही थी। कितने दिन हो गए थे, उसे फ़ैक्टरी से बन कर आये हुए, पर कोई भी अब तक खरीदने नहीं आया था।काँच की दीवार में रहना उसे बिलकुल पसंद नहीं था।उसने साथ खड़े झबरीले पूँछ वाले से मोती कुत्ते से पूछा – “दुकान के सभी …

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क्रिसमस गिफ्ट: वृद्ध आश्रम और दादाजी की दिल छू लेने वाली कहानी

क्रिसमस गिफ्ट: मंजरी शुक्ला

हर साल की तरह इस बार भी सब तरफ क्रिसमस के नज़दीक आते ही चारो ओर ही जोरो शोरो से तैयारियां शुरू हो चुकी थी। नन्हा जेम्स भी अपनी खिड़की से बाहर बाज़ार की ओर झाँककर खुश हो रहा था। आज सन्डे था और उसके पापा ने चर्च ले जाने का वादा किया था और उसके बाद उसे क्रिसमस ट्री …

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रॉबिन का क्रिसमस: नैतिक मूल्य से जुड़ी एक कहानी

रॉबिन का क्रिसमस: नैतिक मूल्य से जुड़ी एक कहानी

पड़ोस वाले अंकल अपने माली को डाँट रहे थे और रॉबिन उनके बगीचे के गुलाब हाथ में पकड़े हुए आज फ़िर अपने लॉन में बैठ कर कोई नई शरारत करने के लिए सोच रहा था।मोहल्ले की गली से लेकर नुक्कड़ तक कोई भी ऐसी जगह नहीं बची थी, जहाँ पर क्रिकेट के साथ-साथ रॉबिन की शैतानियों की चर्चा ना होती …

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अनोखा दशहरा: हास्यप्रद कहानी सोने के पत्तों की

अनोखा दशहरा: मंजरी शुक्ला

बहुत समय पहले की बात हैं। उदयपुर राज्य में एक राजा राज्य करता था माधोसिंघ। उसके दिमाग में रह रह कर तरह तरह के फ़ितूर आते रहते थे। इस कारण कभी तो उसकी हरकतों पर लोग हँसते हँसते लोटपोट हो जाते तो कई बार उसे सबके साथ इसका खामियाज़ा भी भुगतना पड़ता पर वो अपनी पुरानी गलतियों से सीख ना लेते हुए एक …

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शिबू ने लालटेन जलाई – सबने दिवाली मनाई: मंजरी शुक्ला

शिबू ने लालटेन जलाई - सबने दिवाली मनाई: मंजरी शुक्ला

बहुत समय पहले की बात है… एक गाँव था शिवपुर। उसी गाँव में एक चरवाहा रहता था, बहुत ही सीधा और भोला-भाला बिना किसी लालच और बिना किसी स्वार्थ के सबके दुःख सुख में एक पैर से खड़ा रहता था। गाँव वाले भी उसकी निश्चलता के कारण उसे बहुत प्यार करते थे। शिबू बड़ी ही मेहनत से गाँव वालों की …

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शिक्षाप्रद हिंदी कहानी: दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग

शिक्षाप्रद हिंदी कहानी: दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग

“ऑनलाइन शॉपिंग का क्या बुखार चढ़ा है तुम्हें”? रोहित आशीष के कमरे में घुसता हुआ बोला। “हा हा… कितने आराम से सभी चीज़े घर बैठे मिल जाती है और वो भी बहुत सस्ती” आशीष हँसते हुए बोला। “वो तो ठीक है, पर इसका मतलब ये तो नहीं कि तू पेन से लेकर पेंसिल तक ऑनलाइन ही ख़रीदे। हम सब दोस्तों …

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हैप्पी टीचर्स डे: दिल को छू लेने वाली हिंदी बाल-कहानी

हैप्पी टीचर्स डे: दिल को छू लेने वाली हिंदी बाल-कहानी

आज जब रोहित स्कूल के लिए निकला तो उसे घर के सामने वाली सड़क पर उसी की उम्र का बच्चा फूल बेचते हुए दिखा। रोहित को लगा कि उसने उस लड़के को पहले भी कहीं देखा है। वह बहुत गौर से उसे देखने लगा पर बहुत याद करने पर भी उसे कुछ याद नहीं आया। कई बार रोहित सड़क पर गिरते गिरते …

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रक्षाबंधन त्यौहार पर शिक्षाप्रद बाल कहानी: गोलू की राखी

रक्षाबंधन त्यौहार पर शिक्षाप्रद बाल कहानी: गोलू की राखी

आज गोलू रूठा था। राखी के दिन भाई रूठा तो बहन भी उसके पीछे पीछे दौड़ कर उसे मना रही थी। सात साल का गोलू वैसे तो किसी बात पर रूठता नहीं था पर आज बात ही कुछ और थी। मम्मी ने जब राखी की थाली तैयार की और मुन्नी को राखी पकड़ाई तो गोलू भाग खड़ा हुआ। बेचारी मुन्नी …

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राखी: रक्षा और बंधन का संगम है रक्षाबंधन त्यौहार

रक्षाबंधन त्यौहार

जब भी राखी का त्यौहार आता था, मुन्नी का दिल भर आता था। वह दिन भर घर के अंदर और बाहर चक्कर लगाया करती थी कि शायद उसका भाई लौट आये। पर एक राखी के बाद दूसरी और फिर तीसरी और फ़िर बहुत सारी राखी आई पर उसका भाई नहीं आया। आज राखी थी और हर साल की तरह मुन्नी …

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बड़े घर की बेटी: ग्रामीण घर गृहस्थी पर मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी

Munshi Premchand Short Story Bade Ghar Ki Beti in Hindi बड़े घर की बेटी

बड़े घर की बेटी मुंशी प्रेमचंद जी द्वारा लिखित प्रसिद्ध कहानी है। इस कहानी में उन्होंने संयुक्त परिवार में उत्पन्न होने वाली समस्याओं, कलहों, बात का बतंगड़ बन जाने और फिर आपसी समझदारी से बिगड़ती परिस्थिति को सामान्य करने का हुनर को दर्शाया है। बड़े घर की बेटी में कहानीकार ने पारिवारिक मनोविज्ञान को बड़ी ही सूक्ष्मता से बेनीमाधव सिंह, …

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