Tag Archives: Flowers Poems for Students

Basant: Yudh – English Poem on Kite Flying

The festival of Basant Panchami is dedicated to Goddess Saraswati who is considered to be a goddess of knowledge, wisdom and learning. This festival is celebrated in India at the start of spring (Basant) which is generally on the 5th day (Panchami) of the spring season. This festival is associated with kite flying. She’s up and away I’m holdin’ her …

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आओ तुम्हे बताऊ के माँ क्या है: कैफ़ी आज़मी

आओ तुम्हें बताऊ के माँ क्या हैं - कैफ़ी आज़मी Hindi Film Song on Mother

आओ तुम्हे बताऊ के माँ क्या है: कैफ़ी आज़मी आओ आओ तुम्हे बताऊ के माँ क्या है माँ एक ज्योति जीवन है बाकी सब अन्धियारा है माँ एक ज्योति जीवन है बाकी सब अन्धियारा है साच्ची उसके दुनिया में भगवान ने प्यार उतारा है माँ का दूजा नाम है प्यार मेरे साथी मेरे यार आओ आओ तुम्हे बताऊ के माँ …

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नया साल: पूर्णिमा वर्मन की नव वर्ष पर हिंदी बाल-कविता

Happy New Year Bal Kavita in Hindi नया साल

नए साल पर कई स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिसमें छात्रों के लिए निबंध प्रतियोगिता आदि का आयोजित की जाती हैं। अगर आप नए साल पर निबंध लिखने के कुछ बेहतरीन आइडिया ढूंढ रहे हैं तो यहां हम इसमें आपकी मदद कर सकते हैं। इन्हें आप कहीं भी इस्तेमाल कर सकते हैं। Happy New Year Essay In …

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नया वर्ष द्वार पर: नए साल पर हिंदी बाल-कविता

Hindi Poem about Upcoming New Year नया वर्ष द्वार पर

‘नव वर्ष‘ प्रत्येक वर्ष 1 जनवरी को मनाया जाता है। यह सम्पूर्ण विश्व में एक बड़े उत्सव की तरह मनाया जाता है। अलग-अलग स्थानों पर नव वर्ष अलग-अलग विधियों से मनाया जाता है। स्थानीय कैलेण्डर के अनुसार विभिन्न देश एवं सम्प्रदाय के लोग अपना-अपना नव वर्ष अलग-अलग तिथियों पर मनाते हैं किन्तु अधिकांश देशों में अंग्रेजी कैलेण्डर के अनुसार 1 …

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नया साल मंगलमय हो: पूर्णिमा वर्मन

Happy New Year Poems in Hindi नया साल मंगलमय हो

यूं तो पूरे विश्व में नया साल अलग-अलग दिन मनाया जाता है, और भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में भी नए साल की शुरूआत अलग-अलग समय  होती है। लेकिन अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 1 जनवरी से नए साल की शुरूआत मानी जाती है। चूंकि 31 दिसंबर को एक वर्ष का अंत होने के बाद 1 जनवरी से नए अंग्रेजी कैलेंडर वर्ष …

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माँ: ओम व्यास ओम – माँ पर मार्मिक कविता

माँ - ओम व्यास ओम

माँ संवेदना है, भावना है, अहसास है माँ, माँ जीवन के फूलों में खुशबू का वास है माँ। माँ रोते हुए बच्चे का खुशनुमा पलना है माँ, माँ मरूथल में नदी या मीठा सा झरना है माँ। माँ लोरी है, गीत है, प्यारी सी थाप है माँ, माँ पूजा की थाली है, मंत्रों का जाप है माँ। माँ आँखों का सिसकता हुआ किनारा …

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Maithili Sharan Gupt Classic Hindi Poem Panchvati चारु चंद्र की चंचल किरणें

Maithili Sharan Gupt Classic Hindi Poem Panchvati चारु चंद्र की चंचल किरणें

Here is an excerpt from the famous poem Panchvati by Maithilisharan Gupt. The description is of the cottage in Panchvati forest that was the abode of Ram, Laxman and Sita during the terminal year of their 14 years banvas. As Ram and Sita sleep inside, Laxman is on guard outside. This poem further goes on to describe the cutting of nose …

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आया वसंत: सोहनलाल द्विवेदी की बसंत पर बाल-कविता

आया वसंत - सोहनलाल द्विवेदी

Here is a simple poem on spring for children. The scenery described comprising the mustard fields and flowering of mango trees is something that many urban children today would not be familiar with. For old timers, these things arouse nostalgia. आया वसंत: सोहनलाल द्विवेदी आया वसंत आया वसंत छाई जग में शोभा अनंत सरसों खेतों में उठी फूल बौरें आमों …

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हम तो मस्त फकीर: गोपाल दास नीरज

Gopal Das Neeraj

Life is a temporary phase. We come into this world and leave one day. In between, many get too pre-occupied with hording wealth and name. Indian thought has always considered this tendency madness. Detachment with material things and love for humanity has always been the saintly advice in India. Here is reinforcement of this thought by Neeraj. हम तो मस्त …

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माँ की ममता: मातृ दिवस पर हिंदी कविताएँ

माँ की ममता - Mother's Day Special Hindi Bal Kavita

माँ की ममता जब मैं छोटी बच्ची थी, माँ की प्यारी दुलारी थी, माँ तो हमको दूध पिलाती, माँ भी कितनी भोली-भाली। माखन-मिश्री घोल खिलाती, बड़े मज़े से गोद में सुलाती, माँ तो कितनी अच्छी है, साड़ी दुनिया उसमें है। ∼ सुप्रीता झा

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