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Tag Archives: Festivals Poems for Children

Ram Navami Bhajans: Popular Lord Rama Devotional Bhajans

Ram Navami Bhajans: Hindu Culture & Traditions

Ram Navami Bhajans: Popular Lord Rama Devotional Bhajans – Ram Navami is celebrated with immense joy and fervor by all the Ram devotees throughout the world. Despite being one of the most ancient festivals in the world, Ram Navami does not involve extreme intricate rituals and traditions. Though, it is made a highly vibrant and gusto affair by the Ram …

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Ram Chalisa: श्री राम चालीसा Hindu Culture & Traditions

Ram Chalisa

Ram chalisa is a usual practice in Hindu houses, where Shri Rama is regarded as the main deity. Especially after the puja or after the recitation of Ramayana or Ramcharitmanasa, the chalisa is performed at the end, along with the Ram Aarti. It is believed that reading or even listening to Ram Chalisa daily liberates a person from the sins …

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Ram Aarti: आरती श्री रामचन्द्रजी Hindu Culture & Traditions

Ram Aarti: Hindu Culture & Traditions

Aarti refer to the song sung in praise of the deity. Aarti is performed and sung to develop the highest love for God. “Aa” means “towards or to”, and “rati” means “right or virtue” in Sanskrit language. In the other words, it is a song praising the virtues of the deity. Aarti is generally performed at the end of a …

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रामचन्द्रजी की आरती Shri Ram Chandra Ji Ki Aarti in Hindi

Sri Ram Aarti

Lord Rama is the seventh incarnation of Lord Vishnu and had taken birth on earth to put an end to the forces of evil of the age. He is a symbol of chivalry and virtue and in the words of Swami Vivekananda, he is “the embodiment of truth, of morality, the ideal son, the ideal husband, and above all, the …

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होली है भई होली है: पूर्णिमा वर्मन जी की होली पर हिंदी कविता

Holi Festival

सच है, नहीं ठिठोली है चेहरों पर रंगोली है देश देश में गाँव गाँव में होली है भई होली है पत्रिकाओं में अखबारों में गली गली में चौबारों में हम मस्तों की टोली है होली है भई होली है कहीं रंग है कहीं भंग है बड़ी उमंग में कहीं चंग है मौसम भी हमजोली है होली है भई होली है …

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हो हल्ला है होली है: प्रभुदयाल श्रीवास्तव – होली विशेष हिंदी बाल-कविता

होली विशेष हिंदी बाल-कविता: हो हल्ला है होली है

उड़े रंगों के गुब्बारे हैं, घर आ धमके हुरयारे हैं। मस्तानों की टोली है, हो हल्ला है, होली है। मुंह बन्दर सा लाल किसी का, रंगा गुलाबी भाल किसी का। कोयल जैसे काले रंग का, पड़ा दिखाई गाल किसी का। काना फूसी कुछ लोगों में, खाई भांग की गोली है। ढोल ढमाका ढम ढम ढम ढम, नाचे कूदे फूल गया …

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होली आई रे होली आई रे: होली के त्यौहार पर बाल-कवितायेँ

होली आई रे होली आई रे 3 Short Poems on Holi Festival

होली आई रे बसंत में हर कली मुस्कुराई, फागुन की मस्ती चंहुओर है छाई, मदभरा रंगीं नजारा हर कहीं नजर आता है, सुनहरा रंग फिजाओं में पसर जाता है, चंग की ढाप चौक-चौराहों में गूंज रही है, फागणियों को फाग गाने की सूझ रही है, लोग-लुगाई होली की मस्ती में सराबोर हैं, हर तरफ होली आई रे होली आई रे …

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दुनिया रंग-बिरंगी: होली के त्यौहार पर हिंदी बाल-कविता

Holi festival coloring pages

नीले, पीले और गुलाबी लाल, हरे, नारंगी, हुई रंगों से देखो सारी दुनिया रंग-बिरंगी। गालों पर गुलाल की रंगत रंग बिखेरे सूंदर, दौड़ रहे लेकर पिचकारी रामु, श्यामू, चंदर। बांट रही हैं गुझिया सबको मीठी खुशियां प्यारी, होली की मस्ती में देखो हँसती दुनिया सारी। भांति-भांति के रंग भरे सब मार रहे पिचकारी, रंग-बिरंगे लोग लग रहे ज्यो सूंदर फुलवारी। …

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