Tag Archives: Festivals Hindi Stories

दिवाली की रात: दिवाली पर हिंदी जासूसी कहानी

Hindi Detective Story about Diwali and Thieves दीवाली की रात

चन्दन चौदह वर्षीय एक चंचल और चतुर लड़का था। घर से लेकर स्कूल तक सभी उसकी बुद्धिमानी का लोहा मानते थे। जितना वह पढ़ाई लिखाई में अच्छा था उतना ही खेल कूद में भी। हर साल की तरह इस बार भी उसने और उसके दोस्तों ने दिवाली को बड़े ही धूम-धाम से मनाने का निश्चय किया। बच्चों की टोली जब …

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दिवाली के पटाखों की बाल-कहानी: दिवाली

Children's Hindi Story about Diwali Festival दिवाली

एक दुकान में ढेर सारे पटाखे सजे हुए रखे थे, जो दुकानदार ने दिवाली पर बेचने के लिए रखे हुए थे। पटाखों को यह देखकर बहुत दुःख होता था की जो बच्चे अच्छे कपड़े पहनकर अपने मम्मी पापा के साथ पटाखे लेने आते, उन्हें तो दुकानदार बड़े ही प्यार से पटाखे दिखता और बेचता पर जो बच्चे नंगे पैर और …

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चुन्नू की इको फ्रेंडली दिवाली: जन जागरूकता पर कहानी

इको फ्रेंडली दिवाली

सात साल का चुन्नू सुबह से ही पटाखे खरीदने की जिद कर रहा था। वह पापा के पास आते हुए बोला – “पटाखे लेने चलो, मेरे सब दोस्त ले आये है”। “अरे, बेटा, तुम पहले अपना होमवर्क तो खत्म कर लो फ़िर समय नहीं मिलेगा”। “अभी तो स्कूल खुलने में चार दिन है, आप पहले पटाखे लेने चलो”। हारकर पापा …

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प्रेरणादायक हिंदी बाल-कहानी: बिट्टू की दिवाली

आई रे आई दिवाली - टीना जिंदल

बहुत सारे पटाखे, मिठाई और नए नए कपड़े चाहिए मुझे इस दिवाली पर… कहता हुआ नन्हा बिट्टू पैर पटककर माँ के सामने जमीन पर ही लोट गया। उसकी मम्मी ने अपनी हँसी को दबाते हुए कहा – “हाँ – हाँ, सब ले आयेंगे”। यह सुनकर बिट्टू बड़े ही लाड़ से माँ के गले में हाथ डालता हुआ फुसफुसाया, मानों किसी खजाने …

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चूहों की दिवाली: चतुर चूहों की चटपटी कहानी

चूहों की दिवाली: चतुर चूहों की चटपटी कहानी

जब से चूहों को पता चला था कि दिवाली आने वाली है तो उनमें कानाफूसी शुरू हो गई थी। सबने मिलकर एक शाम को एक मीटिंग करने का निश्चय किया। छोटा चूहा, मोटा चूहा, लम्बा चूहा, नाटा चूहा, कोई भी नहीं छूटा… सब भागते हुए मीटिंग अटेंड करने जा पहुँचे थे। मीटिंग की राय देने वाले नाटू चूहे की तो ख़ुशी देखते ही बन …

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दिल छू लेने वाली कहानी: दिवाली के दिए

Heart touching story about Diwali Festival दिवाली के दिए

पखवाड़े बाद दिवाली थी। सारा शहर दीवाली के स्वागत में रोशनी से झिलमिला रहा था। कहीं चीनी मिटटी के बर्तन बिक रहे थे तो कहीं मिठाई की दुकानो से आने वाली मन भावन सुगंध लालायित कर रही थी। उसका दिल दुकान में घुसने का कर रहा था और मस्तिष्क तंग जेब के यथार्थ का बोध करवा रहा था। “दिल की छोड़ …

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हास्यप्रद बाल-कहानी: ऐसे मना दशहरा

हास्यप्रद बाल-कहानी: ऐसे मना दशहरा

“दशहरे पर मैं रावण देखने जाऊंगी” दस साल की चित्राणी ने एलान कर दिया। “और मैं हमेशा की तरह नहीं ले जाऊँगा” पापा ने अखबार पढ़ते हुए ही जवाब दिया। “क्या हो जाएगा, अगर हम लोग रावण देखने चले जाएँगे… पूरी दुनिया तो जाती है” मम्मी ने हर साल की तरह रटा रटाया वाक्य दोहराया। मम्मी की बात पर चित्राणी …

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शिक्षाप्रद हिंदी कहानी: दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग

शिक्षाप्रद हिंदी कहानी: दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग

“ऑनलाइन शॉपिंग का क्या बुखार चढ़ा है तुम्हें”? रोहित आशीष के कमरे में घुसता हुआ बोला। “हा हा… कितने आराम से सभी चीज़े घर बैठे मिल जाती है और वो भी बहुत सस्ती” आशीष हँसते हुए बोला। “वो तो ठीक है, पर इसका मतलब ये तो नहीं कि तू पेन से लेकर पेंसिल तक ऑनलाइन ही ख़रीदे। हम सब दोस्तों …

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रक्षाबंधन त्यौहार पर शिक्षाप्रद बाल कहानी: गोलू की राखी

रक्षाबंधन त्यौहार पर शिक्षाप्रद बाल कहानी: गोलू की राखी

आज गोलू रूठा था। राखी के दिन भाई रूठा तो बहन भी उसके पीछे पीछे दौड़ कर उसे मना रही थी। सात साल का गोलू वैसे तो किसी बात पर रूठता नहीं था पर आज बात ही कुछ और थी। मम्मी ने जब राखी की थाली तैयार की और मुन्नी को राखी पकड़ाई तो गोलू भाग खड़ा हुआ। बेचारी मुन्नी …

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राखी: रक्षा और बंधन का संगम है रक्षाबंधन त्यौहार

रक्षाबंधन त्यौहार

जब भी राखी का त्यौहार आता था, मुन्नी का दिल भर आता था। वह दिन भर घर के अंदर और बाहर चक्कर लगाया करती थी कि शायद उसका भाई लौट आये। पर एक राखी के बाद दूसरी और फिर तीसरी और फ़िर बहुत सारी राखी आई पर उसका भाई नहीं आया। आज राखी थी और हर साल की तरह मुन्नी …

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