Tag Archives: Dreams Hindi Poems

पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा Father’s Day Special Bollywood Song

पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा: मजरूह सुल्तानपुरी

पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा: मजरूह सुल्तानपुरी पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा बेटा हमारा ऐसा काम करेगा मगर ये तो, कोई ना जाने के मेरी मंज़िल, है कहाँ… बैठे हैं मिलके, सब यार अपने सबके दिलों में, अरमां ये है वो ज़िन्दगी में, कल क्या बनेगा हर इक नजर का, सपना ये है कोई इंजीनियर का काम करेगा …

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पापा की परी Hindi Song Dedicated To Father

Hindi Song Dedicate To Father पापा की परी

पापा की परी: देव कोहली Ladies and gentlemen A son is a son till he gets himself a wife, but a daughter is a daughter all her life. पापा की परी हूँ मैं ओ ओ ओ ओ ओ – २ आई मैं आई नीले गगन से लाई मैं लाई तारों को चुन के मेरे लिये जो बना है सुन ले …

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बाप का कंधा Hindi Wisdom poem from Father to Son

Hindi Wisdom poem from Father to Son बाप का कंधा

बाप का कंधा: पिता दिवस या फ़ादर्स डे के सम्मान में मेरे कंधे पर बैठा मेरा बेटा जब मेरे कंधे पर खड़ा हो गया मुझसे कहने लगा देखो पापा मैं तुमसे बड़ा हो गया मैंने कहा बेटा – इस गलत फ़हमी में भले ही जकड़े रहना मगर मेरा हाथ पकड़े रहना जिस दिन यह हाथ छूट जाएगा बेटा तेरा रंगीन …

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अकेले हम अकेले तुम Father Son Heart Touching Hindi Song

Father Son Heart Touching Hindi Song अकेले हम अकेले तुम

अकेले हम अकेले तुम: मजरूह सुल्तानपुरी अकेले हम, अकेले तुम जो हम तुम संग है तो फिर क्या ग़म तू मेरा दिल, तू मेरी जान, O I love you Daddy, तू मासूम, तू शैतान, But you Love me Daddy… यू तो है तू नन्हा सा है मगर गुरु सब का और इसी शरारत से दिल जिगर है तू सब का कहने …

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काका हाथरसी के दोहे

काका हाथरसी के दोहे

सन १९०६ में हाथरस में जन्मे काका हाथरसी (असली नाम: प्रभुनाथ गर्ग) हिंदी व्यंग्य के मूर्धण्य कवि थे। उनकी शैली की छाप उनकी पीढ़ी के अन्य कवियों पर तो पड़ी ही, आज भी अनेकों लेखक और व्यंग्य कवि काका की रचनाओं की शैली अपनाकर लाखों श्रोताओं और पाठकों का मनोरंजन कर रहे हैं। व्यंग्य का मूल उद्देश्य लेकिन मनोरंजन नहीं …

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चांद पर मानव: काका हाथरसी

This poem was written by Kaka Hathrasi, when man had for the first time reached on moon. Big deal! Many thought. चांद पर मानव: काका हाथरसी ठाकुर ठर्रा सिंह से बोले आलमगीर पहुँच गये वो चाँद पर, मार लिया क्या तीर मार लिया क्या तीर, लौट पृथ्वी पर आये किये करोड़ों खर्च, कंकड़ी मिट्टी लाये ‘काका’, इससे लाख गुना अच्छा …

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कुछ तो स्टैंडर्ड बनाओ: काका हाथरसी

दाढ़ी महिमा - काका हाथरसी

Here is an excerpt from a very funny and at a time very popular poem of Kaka Hathrasi. See Kakas advice on how to raise the standard of your life! प्रकृति बदलती क्षण-क्षण देखो, बदल रहे अणु, कण-कण देखो। तुम निष्क्रिय से पड़े हुए हो। भाग्य वाद पर अड़े हुए हो। छोड़ो मित्र! पुरानी डफली, जीवन में परिवर्तन लाओ। परंपरा …

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आओ तुम्हे बताऊ के माँ क्या है: कैफ़ी आज़मी

आओ तुम्हें बताऊ के माँ क्या हैं - कैफ़ी आज़मी Hindi Film Song on Mother

आओ तुम्हे बताऊ के माँ क्या है: कैफ़ी आज़मी आओ आओ तुम्हे बताऊ के माँ क्या है माँ एक ज्योति जीवन है बाकी सब अन्धियारा है माँ एक ज्योति जीवन है बाकी सब अन्धियारा है साच्ची उसके दुनिया में भगवान ने प्यार उतारा है माँ का दूजा नाम है प्यार मेरे साथी मेरे यार आओ आओ तुम्हे बताऊ के माँ …

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अम्बर की एक पाक सुराही: अमृता प्रीतम

Amrita Pritam

Here is a nice poem of Amrita Pritam based upon which a lovely song was composed for film Kadambari (1975) that was sung by Asha Bhonsle. The song differs significantly from the actual poem below. This had to be done to bring the lines into meter. The last stanza we hear in the song is not there in the poem …

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दुनिया जगर-मगर है कि मजदूर दिवस है: हिंदी कविता

दुनिया जगर-मगर है कि मजदूर दिवस है - ओमप्रकाश यती

एक मई को दुनिया के कई देशों में लेबर डे मनाया जाता है और इस दिन देश की लगभग सभी कंपनियों में छुट्टी रहती है। भारत ही नहीं दुनिया के करीब 80 देशों में इस दिन राष्‍ट्रीय छुट्टी होती है। हालांकि इस साल हरियाणा सरकार ने लेबर डे नहीं मनाने का फैसला किया है। भारत में मजदूर दिवस कामकाजी लोगों …

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