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Tag Archives: Democracy Poems for Students

स्वामी विवेकानंद के भाषण पर प्रेरणादायक कविता

Swami Vivekananda

शिकागो धर्म सम्मेलन,1893 में दिया गया भाषण अमरीकी भाई बहनो कह, शुरू किये जब उद्बोधन। धर्म सभा स्तब्ध हुई थी, सुनकर उनका सम्बोधन॥आया उस प्राचीन देश से, जो संतो की है नगरी। पाया हूँ सम्मान यहाँ जो, भरी हर्ष से मन गगरी॥मेरा है वो धर्म जिसे सब, कहते धर्मो की माता। धरा गगन में होने वाली, हर हलचल की वो ज्ञाता॥करता हूँ नत …

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स्वामी विवेकानंद जी की कविता: सागर के वक्ष पर

युवा दिवस: स्वामी विवेकानंद जयंती पर जानकारी

सागर के वक्ष पर: स्वामी विवेकानंद जी नील आकाश में बहते हैं मेघदल,श्वेत कृष्ण बहुरंग,तारतम्य उनमें तारल्य का दीखता,पीत भानु-मांगता है विदा,जलद रागछटा दिखलाते।बहती है अपने ही मन से समीर,गठन करता प्रभंजन,गढ़ क्षण में ही, दूसरे क्षण में मिटता है,कितने ही तरह के सत्य जो असम्भव हैं –जड़ जीव, वर्ण तथा रूप और भाव बहु।आती वह तुलाराशि जैसी,फिर बाद ही …

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काली माता: स्वामी विवेकानंद की कविता

काली माता: स्वामी विवेकानंद छिप गये तारे गगन के,बादलों पर चढ़े बादल,काँपकर गहरा अंधेरा,गरजते तूफान में, शतलक्ष पागल प्राण छूटेजल्द कारागार से–द्रुमजड़ समेत उखाड़कर, हरबला पथ की साफ़ करके।शोर से आ मिला सागर,शिखर लहरों के पलटतेउठ रहे हैं कृष्ण नभ कास्पर्श करने के लिए द्रुत,किरण जैसे अमंगल कीहर तरफ से खोलती हैमृत्यु-छायाएँ सहस्रों,देहवाली घनी काली।आधिन्याधि बिखेग्ती, ऐनाचती पागल हुलसकरआ, जननि, …

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Inspirational Poem about Mahatma Gandhi: A Poem On Gandhiji

Children's Inspirational Poem About Mahatma Gandhi: A Poem On Gandhiji

Quit India Movement: As the World War II progressed, Mahatma Gandhi intensified his protests for the complete independence of India. He drafted a resolution calling for the British to Quit India. The ‘Quit India Movement‘ or the ‘Bharat Chhodo Andolan’ was the most aggressive movement launched by the Indian national Congress under the leadership of Mahatma Gandhi. Gandhi was arrested on …

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Great Leader Gandhiji: Kids Poetry on Mahatma Gandhi

Kids Poetry about Mahatma Gandhi - Great Leader Gandhiji

Mohandas Karamchand Gandhi was born on October 2, 1869 in Porbandar, India. He became one of the most respected spiritual and political leaders of the 1900’s. Gandhiji helped free the Indian people from British rule through nonviolent resistance, and is honored by Indians as the father of the Indian Nation. The Indian people called Gandhiji ‘Mahatma’, meaning Great Soul. At …

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Inspirational Poem on Gandhiji: Beloved Bapu

Beloved Bapu

On his return to India in 1916, Gandhi developed his practice of non-violent civic disobedience still further, raising awareness of oppressive practices in Bihar, in 1918, which saw the local populace oppressed by their largely British masters. He also encouraged oppressed villagers to improve their own circumstances, leading peaceful strikes and protests. His fame spread, and he became widely referred …

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15 अगस्त 1947: सुमित्रानंदन पंत जी की देश भक्ति कविता

15 अगस्त 1947 - सुमित्रानंदन पंत

सुमित्रानंदन पंत (मई 20, 1900 – दिसंबर 28, 1977) हिंदी में छायावाद युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। उनका जन्म अल्मोड़ा ज़िले के कौसानी नामक ग्राम में मई 20, 1900 को हुआ। जन्म के छह घंटे बाद ही माँ को क्रूर मृत्यु ने छीन लिया। शिशु को उसकी दादी ने पाला पोसा। शिशु का नाम रखा गया …

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खड़ा हिमालय बता रहा है: सोहनलाल द्विवेदी की गाँधी जी पर कविता

खड़ा हिमालय बता रहा है - सोहनलाल द्विवेदी

Albert Einstein said about him, “Generations to come will scarcely believe that such a one as this walked the earth in flesh and blood”. What a phenomenon our Father of the nation was! He took on an empire about which it was said that the “sun never sets on it”, and lead a whole subcontinent to freedom. That too while …

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माँ तुझे सलाम – वन्दे मातरम्: महबूब ख़ान

माँ तुझे सलाम - वन्दे मातरम्: महबूब ख़ान

ओ ओ… वन्दे मातरम् x 8 यहाँ वहां सारा जहाँ देख लिया है कहीं भी तेरे जैसा कोई नहीं है अस्सी नहीं सौ दिन दुनिया घूमा है नहीं कहीं तेरे जैसा कोई नहीं मैं गया जहाँ भी बस तेरी याद थी जो मेरे साथ थी मुझको तड़पाती रुलाती सबसे प्यारी तेरी सूरत प्यार है बस तेरा प्यार ही माँ तुझे …

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हम मेहनतकश जग वालों से जब अपना हिस्‍सा मांगेंगे: फैज अहमद ‘फैज’

हम मेहनतकश जग वालों से जब अपना हिस्‍सा मांगेंगे - फैज अहमद 'फैज'

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ – भारतीय उपमहाद्वीप के एक विख्यात पंजाबी शायर थे जिनको अपनी क्रांतिकारी रचनाओं में रसिक भाव (इंक़लाबी और रूमानी) के मेल की वजह से जाना जाता है। सेना, जेल तथा निर्वासन में जीवन व्यतीत करने वाले फ़ैज़ ने कई नज़्म, ग़ज़ल लिखी तथा उर्दू शायरी में आधुनिक प्रगतिवादी (तरक्कीपसंद) दौर की रचनाओं को सबल किया। उन्हें नोबेल …

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