Home » Religions in India » दांडी हनुमान मंदिर, भेंट द्वारिका, गुजरात
दांडी हनुमान मंदिर, भेंट द्वारिका, गुजरात

दांडी हनुमान मंदिर, भेंट द्वारिका, गुजरात

भारत में हनुमान जी के बहुत से मंदिर हैं लेकिन दो ही ऐसे मंदिर हैं जहां हनुमान जी अपने पुत्र मकरध्वज संग विराजते हैं। वैसे तो इन मंदिरों में प्रतिदिन भक्त आते हैं लेकिन मंगलवार, शनिवार, चैत्र पूर्णिमा हनुमान जयंती, आषाढ़ पूर्णिमा, भाद्रपद पूर्णिमा व मकरध्वज जयंती के दिन यहां विशेष रूप से श्रद्धालु दर्शनों के लिए आते हैं।

एक मंदिर गुजरात के भेंट द्वारिका में बना है। जो मुख्य द्वारिका से दो किलोमीटर अंदर की ओर बना हुआ है। इस मंदिर का नाम दांडी हनुमान मंदिर है। माना जाता है कि इसी जगह पर हनुमान जी की पहली भेंट अपने पुत्र से हुई थी।

मंदिर में प्रवेश करते ही मकरध्वज के दर्शन होते हैं साथ ही हनुमान जी का स्वरूप भी स्थापित है। दोनों स्वरूप रमणीय, हर्षजनक और आनंदमय प्रतित होते हैं उनके हाथों में कोई भी अस्त्र-शस्त्र नहीं है।

दूसरा मंदिर राजस्थान के अजमेर शहर से 50 किलोमीटर की दूरी पर जोधपुर मार्ग पर ब्यावर में मकरध्वज का मंदिर है। इस मंदिर में भी पिता और पुत्र दोनों की एकसाथ पूजा होती है। इस मंदिर में शारीरिक और मानसिक रोगों के अतिरिक्त ऊपरी बाधाओं से भी सदा के लिए मुक्ति प्राप्त होती है।

श्रीराम ने पहले मकरध्वज को पाताल का राजा बनाया उसके बाद तीर्थराज पुष्कर के समीप नरवर से दिवेर तक के क्षेत्र का राजा बनाया। श्रीराम ने मकरध्वज को आशीर्वाद दिया था कि कलियुग में जगत कल्याण के लिए जाग्रत देव के रूप में भक्तों के दुख-दर्द दूर करेंगे और उनकी कामनाओं को पूर्ण करेंगे। इस स्थान पर बहुत से साक्षात चमत्कारों से भक्त रू-ब-रू होते हैं जिससे नास्तिक भी आस्तिक हो जाते हैं।

कलयुग में चौरासी लाख योनियों के बंधन से मुक्त होना चाहते हैं तो मकरध्वज बालाजी धाम सर्वोत्तम महातीर्थ कहा गया है।

Check Also

Paramahansa Yogananda - Biography, Life as Yogi

Paramahansa Yogananda Biography For Kids

Born: 5 January 1893, Gorakhpur, Uttar Pradesh, India Died: 7 March 1952, Millennium Biltmore Hotel …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *