Jai Prakash Narayan Quotes in Hindi जयप्रकाश नारायण उद्धरण

Jai Prakash Narayan Quotes in Hindi जयप्रकाश नारायण उद्धरण

जयप्रकाश नारायण (11 अक्टूबर, 1902 – 8 अक्टूबर, 1979) भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता थे। उन्हें 1970 में इंदिरा गांधी के विरुद्ध विपक्ष का नेतृत्व करने के लिए जाना जाता है। इन्दिरा गांधी को पदच्युत करने के लिये उन्होने ‘सम्पूर्ण क्रांति‘ नामक आन्दोलन चलाया। वे समाज-सेवक थे, जिन्हें ‘लोकनायक‘ के नाम से भी जाना जाता है। 1999 में उन्हें मरणोपरान्त भारत रत्न से सम्मनित किया गया। इसके अतिरिक्त उन्हें समाजसेवा के लिये 1965 में मैगससे पुरस्कार भी प्रदान किया गया था। पटना के हवाई अड्डे का नाम उनके नाम पर रखा गया है। दिल्ली सरकार का सबसे बड़ा अस्पताल ‘लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल’ भी उनके नाम पर है।

  • मेरी रुचि सत्ता के कब्जे में नहीं, बल्कि लोगों द्वारा सत्ता के नियंत्रण में है।
  • एक हिंसक क्रांति हमेशा किसी न किसी तरह की तानाशाही लेकर आई है… क्रांति के बाद, धीरे-धीरे एक नया विशेषाधिकार प्राप्त शासकों एवं शोषकों का वर्ग खड़ा हो जाता है, लोग एक बार फिर जिसके अधीन हो जाते हैं।
  • ये (साम्यवाद) इस सवाल का जवाब नहीं देता: कोई आदमी अच्छा क्यों हो?
  • अगर आप सचमुच स्वतंत्रता, स्वाधीनता की परवाह करते हैं, तो बिना राजनीति के कोई लोकतंत्र या उदार संस्था नहीं हो सकती। राजनीति के रोग का सही मारक और अधिक और बेहतर राजनीति ही हो सकती है। राजनीति का अपवर्जन नहीं।
  • सच्ची राजनीति मानवीय प्रसन्नता को बढ़ावा देने बारे में हैं।

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