गौतम बुद्ध के अनमोल विचार विद्यार्थियों और बच्चों के लिए

Name: Gautam Buddha / भगवान गौतम बुद्ध
Birth: 563 BC or 623 BC Lumbini, today in Nepal
Died: 483 BC or 543 BC (aged 80) Kushinagar, India

गौतम बुद्ध एक श्रमण थे जिनकी शिक्षाओं पर बौद्ध धर्म का प्रचलन हुआ।

उनका जन्म लुंबिनी में 563 ईसा पूर्व इक्ष्वाकु वंशीय क्षत्रिय शाक्य कुल के राजा शुद्धोधन के घर में हुआ था। उनकी माँ का नाम महामाया था जो कोलीय वंश से थी जिनका इनके जन्म के सात दिन बाद निधन हुआ, उनका पालन महारानी की छोटी सगी बहन महाप्रजापती गौतमी ने किया। सिद्धार्थ विवाहोपरांत एक मात्र प्रथम नवजात शिशु राहुल और पत्नी यशोधरा को त्यागकर संसार को जरा, मरण, दुखों से मुक्ति दिलाने के मार्ग की तलाश एवं सत्य दिव्य ज्ञान खोज में रात में राजपाठ छोड़कर जंगल चले गए। वर्षों की कठोर साधना के पश्चात बोध गया (बिहार) में बोधि वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई और वे सिद्धार्थ गौतम से बुद्ध बन गए।

गौतम बुद्ध के अनमोल विचार विद्यार्थियों और बच्चों के लिए

  • घड़ा बूँद बूँद कर के भरता है।
  • अतीत पर धयान मत दो, भविष्य के बारे में मत सोचो, अपने मन को वर्तमान क्षण पर केन्द्रित करो।
  • स्वस्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन है, वफ़ादारी सबसे बड़ा सम्बन्ध है।
  • जैसे मोमबत्ती बिना आग के नहीं जल सकती, मनुष्य भी आध्यात्मिक जीवन के बिना नहीं जी सकता।
  • तीन चीजें जादा देर तक नहीं छुप सकती, सूरज, चंद्रमा और सत्य।
  • अपने मोक्ष के लिए खुद ही प्रयत्न करें – दूसरों पर निर्भर ना रहे।
  • तुम अपने क्रोध के लिए दंड नहीं पाओगे, तुम अपने क्रोध द्वारा दंड पाओगे।
  • हम जो कुछ भी हैं वो हमने आज तक क्या सोचा इस बात का परिणाम है। यदि कोई व्यक्ति बुरी सोच के साथ बोलता या काम करता है, तो उसे कष्ट ही मिलता है। यदि कोई व्यक्ति शुद्ध विचारों के साथ बोलता या काम करता है, तो उसकी परछाई की तरह ख़ुशी उसका साथ कभी नहीं छोडती।
  • हजारों खोखले शब्दों से अच्छा वह एक शब्द है जो शांति लाये।
  • सभी बुरे कार्य मन के कारण उत्पन्न होते हैं। अगर मन परिवर्तित हो जाये तो क्या अनैतिक कार्य रह सकते हैं?
  • किसी जंगली जानवर की अपेक्षा एक कपटी और दुष्ट मित्र से ज्यादा डरना चाहिए, जानवर तो बस आपके शरीर को नुक्सान पहुंचा सकता है, पर एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि को नुक्सान पहुंचा सकता है।
  • आपके पास जो कुछ भी है है उसे बढ़ा-चढ़ा कर मत बताइए, और ना ही दूसरों से इर्श्या कीजिये। जो दूसरों से इर्श्या करता है उसे मन की शांति नहीं मिलती।
  • घृणा घृणा से नहीं प्रेम से ख़तम होती है, यह शाश्वत सत्य है।
  • वह जो पचास लोगों से प्रेम करता है उसके पचास संकट हैं, वो जो किसी से प्रेम नहीं करता उसके एक भी संकट नहीं है।
  • क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकडे रहने के सामान है; इसमें आप ही जलते हैं।
  • चाहे आप जितने पवित्र शब्द पढ़ लें या बोल लें, वो आपका क्या भला करेंगे जब तक आप उन्हें उपयोग में नहीं लाते?
  • मैं कभी नहीं देखता की क्या किया जा चुका है; मैं हमेशा देखता हूँ कि क्या किया जाना बाकी है।
  • बिना सेहत के जीवन जीवन नहीं है; बस पीड़ा की एक स्थिति है – मौत की छवि है।
  • हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं।
  • शक की आदत से भयावह कुछ भी नहीं है। शक लोगों को अलग करता है। यह एक ऐसा ज़हर है जो मित्रता ख़तम करता है और अच्छे रिश्तों को तोड़ता है।यह एक काँटा है जो चोटिल करता है, एक तलवार है जो वध करती है।
  • सत्य के मार्ग पे चलते हुए कोई दो ही गलतियाँ कर सकता है; पूरा रास्ता ना तय करना और इसकी शुरआत ही ना करना।
  • किसी विवाद में हम जैसे ही क्रोधित होते हैं – हम सच का मार्ग छोड़ देते हैं और अपने लिए प्रयास करने लगते हैं।

Check Also

Lala Lajpat Rai Famous Quotes

Lala Lajpat Rai Famous Quotes For Students

Lala Lajpat Rai Famous Quotes: Lala Lajpat Rai (28 January 1865 – 17 November 1928), …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *