Pita Ka Roop

Janam deti hai Ma, chalana sikhate hain Pita...

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Category:

Special Occasion

Sub Category:

Fathers Day

Language:

Hindi

City:

New Delhi

Country:

India

 

जन्म देती है माँ चलना सिखाते हैं पिता
हर कदम पे बच्चों के रहनुमा होते हैं पिता
फूलों से लहराते ये मासूम बच्चे
प्यारी सी इस बगिया के बागबान होते हैं पिता
कष्ट पे हमारे दुखी होते है बहुत
अश्क आंखों से बहे न बहे पर दिल में रोते हैं पिता
धुप गम की हम तक न पहुँचे कभी
साया बन सामने खड़े होते हैं पिता
पूरी करने को सारी इच्छाएँ हमारी
काम के बाद भी काम करते हैं पिता
गलतियों पे हमारी डाँटते हैं हमें
डाँट के ख़ुद भी दुखी होते हैं पिता
रो के जब सो जाते हैं हम
पास बैठ देर तक निहारते हैं पिता
जीवन में आती हैं जब दो राहें कभी
सही राह का इशारा कर देते हैं पिता
लड़खड़ाये जो कभी कदम हमारे
आपनी बांहों मे थाम लेते हैं पिता
देने को अच्छा मुस्तक्बिल हमें
पूँजी जीवन भर की हम पे लुटा देते हैं पिता
खुश रहें बेटियाँ दुनिया में अपनी
कर्ज ले के भी बेटी का घर बसाते हैं पिता
निभाने को रीत इस दुनिया की
भरे दिल से बेटी को विदा कर देते हैं पिता
उन्हें छोड़ जब दूर बस जाते हैं हम
चीजें देख हमारी ख़ुद को बहलाते हैं पिता
यहाँ आके ये भी न सोचते हैं हम
के जब न दिया तो क्या खाते हैं पिता
पहले समझ न पाए उन के प्यार को हम
आज हुआ अहसास जब ख़ुद बने हैं पिता
माँ कहती रही पर माना नहीं हमने
बहती रहीं अँखियाँ जब चले गए पिता

Tags: Hindi Poem on Father, Innocent Children, Significance of Fathers Day, Importance of Father in our Life, Love of Father

 

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