Karwa Chauth old classic funny song from hindi movie 'Patanga'
Hindi Poem
हेलो, हिंदुस्तान का देहरादून हेलो, मैं रंगून से बात कर रहा हूँ, मैं अपनी बीबी रेणुका देवी से बात करना चाहता हूँ
मेरे पिया ओ मेरे पिया गए रंगून वहां से किया है टेलीफून तुम्हारी याद सताती है, जिया में आग लगाती है मेरे पिया गए रंगून, किया है वहां से टेलीफून तुम्हारी याद सताती है, जिया में आग लगाती है
हम छोड़ के हिंदुस्तान बहुत पछताए बहुत पछताए हम छोड़ के हिंदुस्तान बहुत पछताए बहुत पछताए हुई भूल जो तुमको साथ न लेकर आये हुई भूल जो तुमको साथ न लेकर आये हम बर्मा की गलियों में और तुम हो देहरादून तुम्हारी याद सताती है तुम्हारी याद सताती है जिया में आग लगाती है
मेरे पिया गए रंगून, किया है वहां से टेलीफून तुम्हारी याद सताती है तुम्हारी याद सताती है, जिया में आग लगाती है
मेरी भूख प्यास भी खो गयी ग़म के मारे ग़म के मारे मेरी भूख प्यास भी खो गयी ग़म के मारे ग़म के मारे में अधमुई सी हो गई ग़म के मारे में अधमुई सी हो गई ग़म के मारे तुम बिन साजन, जनवरी फरवरी बन गए मई और जून तुम्हारी याद सताती है जिया में आग लगाती है
मेरे पिया गए रंगून, किया है वहां से टेलीफून तुम्हारी याद सताती है तुम्हारी याद सताती है, जिया में आग लगाती है
अजी तुमसे बिछड़ के हो गए हम सन्यासी हम सन्यासी अजी तुमसे बिछड़ के तुमसे बिछड़ के हो गए हम सन्यासी हम सन्यासी खा लेते हैं जो मिल जाए रुखी सुखी बासी खा लेते हैं जो मिल जाए रुखी सुखी बासी अजी लुंगी बाँध के करें गुज़ारा भूल गए पतलून तुम्हारी याद सताती है तुम्हारी याद सताती है जिया में आग लगाती है
मेरे पिया गए रंगून, किया है वहां से टेलीफून तुम्हारी याद सताती है तुम्हारी याद सताती है, जिया में आग लगाती है