अरे जो जी में आए, अरे जो जी में आए तुम आज करलो,चाहो जिसे इन बाहों में भरलो अंग से अंग लगाना सजन हमे ऐसे रंग लगाना..
घालो से ये घाल लगाके, नैनो से ये नैना मिलके होली आज मनाना सजन हमे ऐसे रंग लगाना अंग से अंग लगाना सजान हमे ऐसे रंग लगाना..
उपार उपार रंग लगायो ना करिओ कुछ लीचे मुझसे कुचना बोले गर्ये चुप्से आकिया मिचे हूं बच के पारू सन जाने ना पाई जाये तो आपस आने न पाई दूर मह ने ऐसे, बासो मरूरा साजरा न गगारा, कुछ बे ना चूरा लापता लिकादो लापता लिकादो आने मह हम धरते गे जुर्माना अंग से अंग लगाना सजान हमे ऐसे रंग लगाना.. रंग बरसे भीगे चुनरवाली, रंग बरसे..
कैसे की जतनी भीगी चुनरी भीगी चोली होलिका है नाम अरे यह तोहे आप मह चोली आज बना हरे लरका कन्धा आज बनी हरे लार्की राधा तू राधा मह कन्धा, ना ना ना ना, क्या बिगली और बदाल, तुम दोनोर है पागाल हे हुबिया जूरी, बस दीर है तूरी तुम जीवन सटी, हम सा बरती!
रंगगो कि दूली, ले ई होली बार्लो पिचकारी, करिलो के अरी! भिगिनी शानो बंद के तुम, नैनो के तीर चलाना अंग से अंग लगाना सजान हमे ऐसे रंग लगाना.. रंग बरसे भीगे चुनरवाली, रंग बरसे..
भीगे भीगे तेरे बादाम से जैसे, शोले, लपका रहे है अपना रास्ता देखे मुसाफिर, तेरे, नैनो, बताके रहे है मह भूला रास्ता, रसेपय आजा मह ताम रो भय, महज चेर ओ सिया तुम दिल मां तोरो, तुम आचल चोरो तुम कहे र्हूतिए, हे मेरे चूरी दूती दिल मेरा टूटा, चल हाचा झूठा तू नाच मह गावू, तू बिके मह जावू मुश्किल है जाना, तू है देवाना मुझे अंग लगाले, बस रंग लगाले ने लाके पीला, ने नाना पीला क्या लाल घुलाबी, तू बोलो भाबी जुसकी बार सिन्दूर मांगा कार, किसकी मांग सजाना अंग से अंग लगाना सजान हमे ऐसे रंग लगाना..