| ऐसी लागी लगन , मीरा हो गयी मगन वोह तो गली गली गुण गाने लगी महलों में पली बन के जोगन चली मीरा रानी दीवानी कहने लगी कोई रोके नहीं, कोई टोके नहीं मीरा गोविन्द गोपाल गाने लगी बैठी संतों के संग , रंगी मोहन के रंग मीरा प्रेमी प्रीतम को मनाने चली वोह तो गली गली गुण गाने लगी, राणा ने विष दिया, मानो अमृत पिया मीरा सागर में , सरिता सामने लगी दुःख लाखों सहे , मुख से गोविन्द कहे मीरा गोविन्द गोपाल गाने लगी वोह तो गली गली गुण गाने लगी ऐसी लगी लगन , मीरा हो गयी मगन वोह तो गली गली गुण गाने लगी |