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Hans Kumar Tiwari Desh Bhakti Hindi Poem वह कौन है

वह कौन है: हंस कुमार तिवारी की गुमनाम अमर शहीदों पर कविता

He who died unsung, unheard, for the Motherland, who was he? Countless people gave their lives for the freedom of the country India. We only know about a handful. Others contributed their lives and faded away unsung and forgotten. Here is a touching poem by Hanskumar Tiwari.

वह कौन है: हंस कुमार तिवारी

मिट्टी वतन की पूछती
वह कौन है‚ वह कौन है?
इतिहास जिस पर मौन है?

जिसके लहू की बूंद का टीका हमारे भाल पर‚
जिसके लहू की लालिमा स्वातंत्र शिशु के गाल पर‚
जो बुझ गया गिर कर गगन से‚ निमिष में तारा–सदृश‚
बच ओस जितना भी न पाया‚ अश्रु जिसका काल पर
जो दे गया जीवन विजन के फूल सा हँस नाश को…
जिसके लिये दो बूंद भी स्याही नहीं इतिहास को?
वह कौन है‚ वह कौन है?

जिसके मरण के नेह से‚ दीपक नये युग का जला‚
काजल नयन के मेह से‚ मरुथल मनुज–मन का फला‚
चुनता गया पद–पद्य से‚ कंटक मनुज की राह का‚
विष दासता को‚ मुक्ति को‚ निज मृत्यु का अमृत पिला‚
चुभती न स्मृति जिसकी कभी‚ जो मैं किसी के शूल–सी‚
झरते न जिस पर आंख से‚ दो आंसुओं के फूल ही!
वह कौन है‚ वह कौन है?

लगता नही जिसकी चिता पर आज मेला भी यहां‚
दो फूल क्या‚ मिलता किसी के हाथ ढेला भी कहां?
वह मातृभू पर मर गया‚ फिर भी रहा अनजान ही–
इस मुक्ति उत्सव पर डला उस पर न धेला भी यहां;
वह कब खिला‚ कब झर गया‚ अज्ञात हारसिंगार–सा
किसको पता है दासता के काल उस अंगार का?
वह कौन है‚ वह कौन है?
इतिहास जिस पर मौन है?

हंस कुमार तिवारी

हंस कुमार तिवारी (Hans Kumar Tiwari, जन्म- 15 अगस्त, 1918) प्रसिद्ध साहित्यकार थे। इनकी साहित्यिक साधना की प्रथम उपलब्धि ‘कला’ नामक पुस्तक का प्रकाशन सन 1938 ई. में हुआ था। आलोचना के क्षेत्र में यह इनका प्रथम प्रयास था। तिवारी जी स्वतंत्र लेखक के साथ-साथ एक सफल पत्रकार तथा सम्पादक भी रहे। सन 1951 में वे बिहार सरकार के राजभाषा पदाधिकारी नियुक्त हुए। इसी पद पर कार्य करते हुए उन्होंने अवकाश ग्रहण किया।

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