Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » उठो स्वदेश के लिये – क्षेमचंद सुमन
उठो स्वदेश के लिये – क्षेमचंद सुमन

उठो स्वदेश के लिये – क्षेमचंद सुमन

उठो स्वदेश के लिये बने कराल काल तुम
उठो स्वदेश के लिये बने विशाल ढाल तुम

उठो हिमाद्रि श्रंग से तुम्हे प्रजा पुकारती
उठो प्रशांत पंथ पर बढ़ो सुबुद्ध भारती

जागो विराट देश के तरुण तुम्हें निहारते
जागो अचल, मचल, विफल, अरुण तुम्हें निहारते

बढ़ो नयी जवानियाँ सजीं कि शीश झुक गए
बढ़ो मिली कहानियाँ कि प्रेम गीत रुक गए

चलो कि आज स्वत्व का समर तुम्हें पुकारता
चलो कि देश का सुमन–सुमन तुम्हें निहारता

उठो स्वदेश के लिये, बने कराल काल तुम
उठो स्वदेश के लिये, बने विशाल ढाल तुम

~ क्षेमचंद सुमन

Check Also

जुलाई 2018 साप्ताहिक भविष्यफल: पंडित असुरारी नन्द शांडिल्य

जुलाई 2018 साप्ताहिक भविष्यफल: पंडित असुरारी नन्द शांडिल्य: एस्ट्रोलॉजिकल बर्थ चार्ट के अनुसार ज्योतिष का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *