Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » उपवन – गोविन्द भारद्वाज

उपवन – गोविन्द भारद्वाज

Upvanफूल खिलें हैं उपवन में,
रंग – बिरंगे मधुबन में।

छवि फूलों की न्यारी है,
महकी क्यारी – क्यारी है।

भँवरे – तितली डोले हैं,
चुपके – चुपके बोले हैं।

मखमल जैसी दूब लगे,
प्यारी लेटी धुप लगे।

महक बसी है धड़कन में,
फूल खिलें हैं उपवन में।

∼ गोविन्द भारद्वाज

Check Also

वार्षिक आर्थिक राशिफल – Annual Financial Predictions

साप्ताहिक आर्थिक राशिफल अगस्‍त 2019

साप्ताहिक आर्थिक राशिफल: 19 – 25 अगस्‍त, 2019 जानिए रुपये-पैसे के मामले में महीने का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *