Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » Ramdhari Singh Dinkar Desh Prem Nostalgia Poem रे प्रवासी जाग
Ramdhari Singh Dinkar Desh Prem Nostalgia Poem रे प्रवासी जाग

Ramdhari Singh Dinkar Desh Prem Nostalgia Poem रे प्रवासी जाग

रे प्रवासी‚ जाग‚ तेरे देश का संवाद आया।

भेदमय संदेश सुन पुलकित खगों ने चंचु खोली‚
प्रेम से झुक–झुक प्रणति में पादपों की पंक्ति डोली।
दूर प्राची की तटी से विश्व के तृण–तृण जगाता‚
फिर उदय की वायु का वन में सुपरिचित नाद आया।

रे प्रवासी‚ जाग‚ तेरे देश का संवाद आया।

व्योम–सर में हो उठा विकसित अरुण आलोक शतदल‚
चिर–दुखी धरणी विभा में हो रही आनंद–विह्वल।
चूम कर प्रति रोम से सर पर चढ़ा वरदान प्रभु का‚
रश्मि–अंजलि में पिता का स्नेह–आशीर्वाद आया।

रे प्रवासी‚ जाग‚ तेरे देश का संवाद आया।

सिंधु–तट का आर्य भावुक आज जग मेरे हृदय में।
खोजता उदगम् विभा का दीप्तमुख विस्मित हृदय में।
उग रहा जिस क्षितिज–रेखा से अरुण‚ उसके परे क्या ?
एक भूला देश धूमिल–सा मुझे क्यो याद आया।

रे प्रवासी‚ जाग‚ तेरे देश का संवाद आया।

रामधारी सिंह ‘दिनकर’

आपको “रामधारी सिंह ‘दिनकर’” जी की यह कविता “रे प्रवासी जाग” कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@4to40.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

शब्दार्थः
प्रणति ∼ नमस्कार
पादपों ∼ वृक्ष
प्राची ∼ पूरब दिशा
व्योम–सर ∼ सरोवर रूपी आकाश
शतदल ∼ कमल
धरणी ∼ धरती
विभा ∼ रात

Check Also

Gumnaami: 2019 Indian Bengali Mystery Film

Gumnaami: 2019 Indian Bengali Mystery Film

Movie Name: Gumnaami Movie Directed by: Srijit Mukherji Starring: Prosenjit Chatterjee, Anirban Bhattacharya Genre: History, Drama, Thriller, Mystery Release Date: 4 …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *