राष्ट्रगान मुझको भी आता है: मनोहर लाल ‘रत्नम’

राष्ट्रगान मुझको भी आता है: मनोहर लाल ‘रत्नम’

जन गण मन बीमार पड़ा है, अधिनायक है कहाँ सो गया,
भारत भाग्य विधाता भी तो, इन गलियों में कहीं खो गया।
मेरे भारत के मस्तक पर, है आतंक की काली छाया –

कर्णधार जितने भारत के,
इन सबको है संसद भाता।
मुझसे यदि पूछ कर देखो,
राष्ट्रगान मुझको है आता॥

आग लगी है पंजाब मेरे में, सिंधु और गुजरात जल गया,
मौन मराठा, द्राविड़, उत्कल और बंग को द्वैष छल गया।
विंध्य, हिमाचल को डर लगता, यमुना-गंगा के पानी से –

उच्छल जलधि तरंग कहाँ अब,
केवल लहू बहाया जाता।
मुझसे यदि पूछ कर देखो,
राष्ट्रगान मुझको है आता॥

तव शुभ नामे जागे वाला, महामंत्र फिर से गाना है,
तव शुभ आशिष मागे किससे, उस मूरत को ढुँढवाना है।
गाहे तव जय गाथा जन जन, फिर ऐसा आधार बनालें –

जन गण मंगल दायक जय हे,
अपना भारत भाग्य विधाता।
मुझसे यदि पूछ कर देखो,
राष्ट्रगान मुझको है आता॥

जय हे, जय हे, जय हे, कहना, यह कोई संघर्ष नहीं है,
केवल जय का नाद लगाना, यह कोई उत्कर्ष नहीं है।
जन गण मन गाने से पहले, जन-जन का विश्वास जगा लें –

राष्ट्र बचाएं अपना ‘रत्नम’,
भारत भू से अपना नाता।
मुझसे यदि पूछ कर देखो,
राष्ट्रगान मुझको है आता॥

मनोहर लाल ‘रत्नम’

जन गण मन अधिनायक जय हे

जन गण मन, भारत का राष्ट्रगान है जो मूलतः बंगाली में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर (ठाकुर) द्वारा लिखा गया था। भारत का राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम्‌ है।

राष्ट्रगान के गायन की अवधि लगभग 52 सेकेण्ड है। कुछ अवसरों पर राष्ट्रगान संक्षिप्त रूप में भी गाया जाता है, इसमें प्रथम तथा अन्तिम पंक्तियाँ ही बोलते हैं जिसमें लगभग 20 सेकेण्ड का समय लगता है। संविधान सभा ने जन-गण-मन को भारत के राष्ट्रगान के रुप में 24 जनवरी 1950 को अपनाया था। इसे सर्वप्रथम 27 दिसम्बर 1911 को कांग्रेस के कलकत्ता अब दोनों भाषाओं में (बंगाली और हिन्दी) अधिवेशन में गाया गया था। पूरे गान में 5 पद हैं।

आपको मनोहर लाल ‘रत्नम’ जी की यह कविता “राष्ट्रगान मुझको भी आता है” कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@4to40.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

Check Also

Ajmer Sharif

Ajmer Sharif: Dargah Sharif of Hazrat Khwaja

Islamism, Sufism and the Sufi tradition – all of them teaches us one thing – …

3 comments

  1. Good Ratnam ji

  2. Sandeep Srivastava

    ये आज का जन गण मन है

    दिल में घर कर गया इसका एक-एक शब्द

  3. Amit kumar sahdev

    बहुत बढ़िया रत्नम जी!!!

    जय हे, जय हे, जय हे, कहना, यह कोई संघर्ष नहीं है,
    केवल जय का नाद लगाना, यह कोई उत्कर्ष नहीं है।
    जन गण मन गाने से पहले, जन-जन का विश्वास जगा लें –