Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » फागुनी संगीत में – डॉ. सरस्वती माथुर
फागुनी संगीत में - डॉ. सरस्वती माथुर

फागुनी संगीत में – डॉ. सरस्वती माथुर

चलो मिल बटोर लाएँ
मौसम से बसन्त
फिर मिल कर समय गुज़ारें
पीले फूलों सूर्योदय की परछाई
Phaguni Sangeet Meinहवा की पदचापों में
चिडियों की चहचहाटों के साथ
फागुनी संगीत में फिर
तितलियों से
रंग और शब्द लेकर
हम गति बुनें
चलो मिल कर बटोर लाएँ।

मौसम से बसन्
और देखें दुबकी धूप
कैसे खिलते गुलाबों के ऊपर
पसर कर रोशनियों की
तस्वीरें उकेरती है
उन्हीं उकेरी तस्वीरों से
ओस क्रण चुने
चलो मिल कर बटोर लाएँ।

डॉ. सरस्वती माथुर

Check Also

The Buddha At Kamakura - Rudyard Kipling English Poem

The Buddha At Kamakura: Rudyard Kipling Poem For Students & Children

Rudyard Kipling was born on December 30, 1865, in Bombay, India. He was educated in …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *