Hindi Poem for Welcoming New Year नए वर्ष का हो अभिनंदन

नए वर्ष का हो अभिनंदन: गौरव ग्रोवर

नए वर्ष का हो अभिनंदन
महक उठे हर मन का चंदन
झिलमिल आशा का स्पंदन
बांधे इक नूतन अनुबंधन…

आए वर्ष दो हज़ार अठाहरा
लेकर खुशियों की सौगात
मिट जाए दुखदाई क्रंदन
नए वर्ष का हो अभिनंदन…

बैर भाव मिट जाएं सारे
स्नेहिल पुष्प खिले फिर प्यारे
हर घर में छाए निरानंदन
नए वर्ष का हो अभिनंदन…

उन्नति पथ पर बढ़े संसार
मानवता का हो विस्तार
सीमाओं का रहे न बंधन
नए वर्ष का हो अभिनंदन…

गौरव ग्रोवर

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One comment

  1. Awesome poem

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