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Hindi poetry about New Year Wishes नव वर्ष की अभिलाषा

नव वर्ष की अभिलाषा: प्रतिमा पाण्डेय

नव वर्ष की नई अभिलाषा,
पूरी हो हर जन की आशा।

घृणा द्वेष ना पनपे मन में,
हँसी खुशी छा जाए मन में।

भूखा नंगा रहे ना कोई,
द्वेष राग से मरे ना कोई।

सहनशीलता को अपनाएँ,
निरक्षरता हम दूर भगाएँ।

ऋषियों वेदों का देश हमारा,
सत्य अहिंसा अपना नारा।

खाए और खाने दे सबको,
जीये और जीने दे सबको।

दुनिया को हम स्वर्ग बनाएँ,
ज्ञान से हम विकास कर पाए।

शांति फैले इस धरती पर,
युद्ध ना हो अब इस धरती पर।

यही कामना नए वर्ष में,
शुभ शुभ हो सब नए वर्ष में।

प्रतिमा पाण्डेय

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