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मेरी माँ - प्रभगुन सिंह - Short Hindi Poem on Mother

मेरी माँ: प्रभगुन सिंह Short Hindi Poem on Mother

माँ से मैंने हँसना सीखा,
माँ से गाना गाना।
माँ से सीखा गिरकर उठना,
आगे बढ़ते जाना।
माँ ने अक्षर-ज्ञान कराया,
मुझको पहली बार,
जग से प्यारी, सबसे न्यारी,
मेरी प्यारी-प्यारी माँ।
इसलिए तो मैं करता हूँ।
अपनी माँ से प्यार।

~ प्रभगुन सिंह (एल.के.जी.) St. Gregorios School, Sector 11, Dwarka, New Delhi – 110075

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