माँ - अनिल शर्मा

माँ: अनिल शर्मा की मातृ दिवस स्पेशल हिंदी कविता

Mother is the most lovable and adorable person. No love can exceed or even match the love of a mother for her child. She is the best trainer and guide of her child, no less than God, always the first person whom we think of in our happy and not so happy times. She has been blessed with the power to nurture a complete life in her womb with intense love and care.

वह मेरी बदसलूकी में भी मुझे दुआ देती है,
आगोश में ले कर सब गम भुला देती है।

यूं लगता है जैसे जन्नत से आ रही हो खुशबु
जब वह अपने पलू से मुझे हवा देती है।

मैं अगर करूँ अनजाने में भी कोई गलती,
मेरी मां इस पर भी मुस्कुरा देती है।

क्या खूब बनाया है रब ने रिश्ता माँ का,
वीरान घर को भी जन्नत बना देती है।

माँ के बाद मेरा कौन सहारा है,
ये ही सोच मुझे कभी-कभी रुला देती है…।

प्रो. अनिल शर्मा

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