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माँ का रूप - शाहीन अवस्थी Mother's Day Special Hindi Poem

माँ का रूप – शाहीन अवस्थी Mother’s Day Special Hindi Poem

भगवान का दूसरा रूप है माँ,
उनके लिए दे देंगे जान,
हमको मिलता जीवन उनसे,
कदमो में है स्वर्ग बसा,

संस्कार वह हमे सिखलाती,
Maa Ka Roopअच्छा बुरा हमे बतलाती,
हमारी गलतियों को सुधारती,
प्यार वह हम पर बरसाती,

तबियत अगर हो जाये ख़राब,
रात रात भर जागते रहना,
माँ बिन जीवन है अधूरा,
खाली खाली सुना सुना,

खाना पहले हमे खिलाती,
बाद में वह खुद खाती,
हमारी ख़ुशी में खुश हो जाती,
दुःख में हमारे आंसू बहाती,

कितने खुसनसीब है हम,
पास हमारे है माँ,
होते बदनसीब वह कितने,
जिनके पास ना होती माँ।

∼ शाहीन अवस्थी

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