Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है: कुमार विश्वास
कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है: कुमार विश्वास

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है: कुमार विश्वास

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है,
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है।

मैं तुझसे दूर कैसा हूँ, तू मुझसे दूर कैसी है,
ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है।

मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है,
कभी कबिरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है।

यहाँ सब लोग कहते हैं, मेरी आंखों में आँसू हैं,
जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है।

Koi Diwana Kahta Hai Koi Pagal Samajhta Hai

समंदर पीर का अन्दर है, लेकिन रो नही सकता,
यह आँसू प्यार का मोती है, इसको खो नही सकता।

मेरी चाहत को दुल्हन तू बना लेना, मगर सुन ले,
जो मेरा हो नही पाया, वो तेरा हो नही सकता।

भ्रमर कोई कुमुदुनी पर मचल बैठा तो हंगामा,
हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा।

अभी तक डूब कर सुनते थे सब किस्सा मोहब्बत का,
मैं किस्से को हकीक़त में बदल बैठा तो हंगामा।

Kumar Vishwas is a well-known contemporary Hindi poet. He is also a leader of AAP party of Delhi.

~ कुमार विश्वास

आपको कुमार विश्वास जी की यह कविता “कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है” कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@4to40.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

Check Also

Pak Cricketer's 'Victory Dance' At Wagah Border

Pak Cricketer’s ‘Victory Dance’ At Wagah Border

Pakistani cricketer Hasan Ali showed off his signature move at the Wagah Border, video on …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *