Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » जीवन एक अभिलाषा
Jeewan ki abhilasha

जीवन एक अभिलाषा

किसकी तुझे परिभाषा दू
सबको तू तरसाती।
कल कल करती, बलखाती
मस्ती में बहे चले जाती।
पहाड़ों को चीर तू
घाटी उनमे बनातीं।
कंकड, पत्थर और मिट्टी
अपने मे तू समाती।
धूप पड़ें, तेज बहे
सरदी में ठिठुर जाती।
लेकिन इस जीवन में
निरंतर बहे चले जाती।।

ना रूकती ना थमती
निरंतर बहे चले जाती।
तेरे किनारे मिलने लोगों की
भीड यहां उमड़ आती।
सरदी में औड सवेत चादर,
गरमियों में हरियाली जो दिखाती।
निरंतर बह, जाने इस जीवन में
कितनो की ईद तूने मना दी।
कभी धीमी गति, कभी तेज गति
निरंतर बहे चली जाती।
निरंतर बहे चली जाती।।

ठंडी पावन तेरी काया
कल कल करती बह जाती।
धन्य हो तेरा जीवन
सबका मन बहलाती।
किसी को रेत, किसी को जल देकर
पर पयास सभी की बुझाती।
इस जीवन की कुछ शरद व गर्मियां
द़ास नदी किनारे मैने बिता दी।
शुभ दर्शन तेरे, इस जीवन मे
बने सभी तेरे दर्शन अभिलाषी।
द़ास नदी निरंतर बहे चली जाती
निरंतर बहे चली जाती।।

Check Also

Made in China: 2019 Bollywood Family Comedy Drama

Made in China: Bollywood Family Comedy Drama

Movie Name: Made in China Movie Directed by: Mikhil Musale Starring: Rajkummar Rao, Mouni Roy, Boman …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *