हम न रहेंगे – केदार नाथ अग्रवाल

हम न रहेंगे
तब भी तो यह खेत रहेंगे,
इन खेतों पर घन लहराते
शेष रहेंगे,
जीवन देते
प्यास बुझाते
माटी को मदमस्त बनाते
श्याम बदरिया के
लहराते केश रहेंगे।

हम न रहेंगे
तब भी तो रतिरंग रहेंगे,
लाल कमल के साथ
पुलकते भृंग रहेंगे,
मधु के दानी
मोद मनाते
भूतल को रससिक्त बनाते
लाल चुनरिया में लहराते
अंग रहेंगे।

∼ केदार नाथ अग्रवाल

Check Also

Janmashtami Fast: Janmashtami Upavasa & Vrat

Janmashtami Fast: Janmashtami Upavasa & Vrat

Janmashtami Fast: Fast is observed by the devotees of Lord Krishna, on Janmashtami. Explore the …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *