Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » हौंसले – रेखा चंद्रा
हौंसले - रेखा चंद्रा

हौंसले – रेखा चंद्रा

खुले आसमान में करे परवाज
हौसले हर पंछी में नहीं होते
सिर्फ बहार ही तो नहीं बाग में
ठूंठ भी यहां कम नहीं होते

सीप में बने मोती
हर बूंद के ऐसे मौके नहीं होते
आंख में आंसू होंठों पर मुसकान
ऐसे दीवाने भी कम नहीं होते

जहां जाएं रोने के लिए
ऐसे कोने हर घर में नहीं होते
मरने के तो बहुत हैं
मगर जीने के बहाने कम नहीं होते

बयां कर शिकायत
हर गिरते को संभालने वाले नहीं होते

~ रेखा चंद्रा

आपको रेखा चंद्रा जी की यह कविता कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@4to40.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

Check Also

Bollywood 2018 Action Period Film: Parmanu: The Story of Pokhran Movie Review

Bollywood 2018 Action Period Film: Parmanu: The Story of Pokhran Movie Review

Directed by: Abhishek Sharma Writers: Shubhra Chatterji, Sudhir Mishra Starring: John Abraham, Diana Penty, Boman Irani Genre: Action, Drama, …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *