Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » होली त्यौहार के आगमन पर बाल-कविता – होली
होली त्यौहार के आगमन पर बाल-कविता - होली

होली त्यौहार के आगमन पर बाल-कविता – होली

चहुंदिश फैली चहल-पहल है, आनेवाली है होली।
मन की मस्ती तन में गश्ती, लगा रहा है रंगोली।

Holi Poemइन्द्रधनुष सी रंगी जा रही, गोरी की अंगिया चोली।
मौसम युवा जवानी ॠतु की, बांट रहा है भर झोली।

बिना वजह अंगडाई तन में, नहीं लगाती है बोली।
फूलों के मुख रक्तिम-रक्तिम, गात में फैली है होली।

सबके अधरों पर गुम्फित है, फाग सुहाना मधुर अति।
रंग, रंगोली के रथ चढक़र, होली लाये प्रीत-गति।

सुन्दर स्मृति संबन्धों के, लेकर आये यह होली।
सुन्दर, हार्दिक संदेशों को, देकर जाये यह होली।

पर्वों में अति पावन होली, पावन तर्क लिये आये।
जीवन के सूखे कुंडों में, जीवन यह भरता जाये।

सिध्दि कर्मों में भर जाये, मंत्रों के आवाहन का।
सारे स्याह मिटा जाये यह, जीव,जगत का जीवन का।

स्वर्णसिध्द हमको कर जाये, हमको दे जाये उल्लास।
होली के अणु, परमाणु में, जीवन ही होवे अहसास।

अरुण प्रसाद

आपको अरुण प्रसाद जी की यह कविता कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@4to40.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

Check Also

Buddhism Quiz

Buddhism Quiz For Students And Children

Buddhism Quiz For Students And Children: Buddhism is a religion to about 300 million people around …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *