हैं सुभाष चन्द्र बोस अमर Hindi poem on Netaji Subhash Chandra Bose

हैं सुभाष चन्द्र बोस अमर: हरजीत निषाद

परमवीर निर्भीक निडर,
पूजा जिनकी होती घर घर,
भारत मां के सच्चे सपूत,
हैं सुभाष चन्द्र बोस अमर।

सन अट्ठारह सौ सत्तानवे,
नेता जी महान थे जन्मे,
कटक ओडिशा की धरती पर,
तेईस जनवरी की शुभ बेला में।

देशभक्तों के देशभक्त,
दूरंदेश थे अति शशक्त,
नारा जय हिन्द का देकर बोले,
आजादी दूंगा तुम देना रक्त।

आजादी की लड़ी लड़ाई,
आजाद हिन्द फ़ौज बनाई,
जन जन को आगे ले आए,
तरुणाई को दिशा दिखाई।

अन्याय कभी न सहना है,
सुलह न उससे करना है,
अपराध है ऐसा कुछ करना,
नेता जी का यह कहना है।

~ हरजीत निषाद

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