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Rabindranath Tagore

देश की माटी देश का जल: रबीन्द्रनाथ टैगोर

देश की माटी देश का जल
हवा देश की देश के फल
सरस बनें प्रभु सरस बने

देश के घर और देश के घाट
देश के वन और देश के बाट
सरल बनें प्रभु सरल बनें प्रभु

देश के तन और देश के मन
देश के घर के भाई-बहन
विमल बनें प्रभु विमल बनें

रबीन्द्रनाथ टैगोर

अनुवाद – भवानी प्रसाद मिश्र

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2 comments

  1. This is not fully correct,as the actual hindi translation of “Banglar Mati Banglar Jol” will be the following:
    बंगाल की माटी,बंगाल का जल
    बंगाल की वायु,बंगाल का फल
    पुण्य हो,पुण्य हो,पुण्य हो हे भगवान||
    बंगाल का घर,बंगाल का बाज़ार
    बंगाल का वन ,बंगाल का बगीचा
    पूर्ण हो,पूर्ण हो,पूर्ण हो हे भगवान||
    बंगाली का पण,बंगाली की आशा
    बंगाली का काम, बंगाली की भाषा
    सत्य हो,सत्य हो,सत्य हो हे भगवान||
    बंगाली का प्राण,बंगाली का मन
    बंगाली के घर में जितने भाई-बहन
    एक हो,एक हो,एक हो हे भगवान||

  2. This is the favourite song of Bengal’s CM,Mamata Banerjee

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