Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » चेतक की वीरता: श्याम नारायण पाण्डेय
चेतक की वीरता - श्यामनारायण पाण्डेय

चेतक की वीरता: श्याम नारायण पाण्डेय

चेतक की वीरता – महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक की यशोगाथा गाती श्याम नारायण पाण्डेय की कविता।

रणबीच चौकड़ी भर-भर कर
चेतक बन गया निराला था
राणाप्रताप के घोड़े से
पड़ गया हवा का पाला था

जो तनिक हवा से बाग हिली
लेकर सवार उड जाता था
राणा की पुतली फिरी नहीं
तब तक चेतक मुड जाता था

Maharana Pratap Statue Moti Magri Udaipur

गिरता न कभी चेतक तन पर
राणाप्रताप का कोड़ा था
वह दौड़ रहा अरिमस्तक पर
वह आसमान का घोड़ा था

था यहीं रहा अब यहाँ नहीं
वह वहीं रहा था यहाँ नहीं
थी जगह न कोई जहाँ नहीं
किस अरि मस्तक पर कहाँ नहीं

निर्भीक गया वह ढालों में
सरपट दौडा करबालों में
फँस गया शत्रु की चालों में

बढते नद सा वह लहर गया
फिर गया गया फिर ठहर गया
बिकराल बज्रमय बादल सा
अरि की सेना पर घहर गया।

भाला गिर गया गिरा निशंग
हय टापों से खन गया अंग
बैरी समाज रह गया दंग
घोड़े का ऐसा देख रंग

श्याम नारायण पाण्डेय

Check Also

Ganesh Chaturthi Bollywood Song देवा हो देवा गणपति देवा तुमसे बढ़कर कौन

देवा हो देवा गणपति देवा तुमसे बढ़कर कौन: रविंदर रावल

Hum Se Badkar Kaun is a 1981 Hindi-language Indian film directed by Deepak Bahry, starring …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *