Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » अनोखा घर – प्रतिक दुबे

अनोखा घर – प्रतिक दुबे

सबका अपना होता है,
सबको रहना होता है,
और जहाँ सुख-दुःख होता है,
वह अनोखा घर होता है।

चार-दीवार के अंदर रहते सब,
समय पता नही बीत जाता है कब,
वह अनोखा घर होता है।

जहाँ सब अपना काम करते है,
मिल-जुलकर साथ हमेशा रहते है,
वह अनोखा घर होता है।

आज मनुष्य की हरकतों से घर बिखरता जा रहा है,
एकता का वातावरण पिघलता जा रहा है,
कहीं ऐसा ना हो कि कोई कहे पहले ऐसा होता था,
हर अच्छा घर, अनोखा घर होता था।

∼ प्रतिक दुबे

Check Also

Top 20 Telugu Songs

Top 20 Telugu Songs October 2019

Telugu Cinema / Tollywood Film Industry: Telugu cinema, also known by its nickname Tollywood, is the …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *