Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » आलू: ओम प्रकाश बजाज
Aloo - Om Prakash Bajaj

आलू: ओम प्रकाश बजाज

आलू की महिमा है न्यारी
सर्वाधिक लोकप्रिय यह तरकारी!

भूनो तलो पकाओ खाओ
आलू की पराठों का आनंद उठाओ!

आलू-गोभी आलू-बैंगन आलू-परवल,
आलू से मिलकर बनते ढेरो व्यंजन!

आलू के बिना समोसा नहीं बनता
पोटैटो चिप्स का हर कोई दीवाना!

पानी-पूरी कहो या कहो गोलगप्पा,
उस में भी मसाला आलू का पड़ता!

बंगला कोठी हो या निम्नवर्गीय झुग्गी,
आलू की पैठ हर रसोई में मिलेगी!

ओमप्रकाश बजाज

आपको ओमप्रकाश बजाज जी की यह कविता “आलू” कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@4to40.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

Check Also

Pak Cricketer's 'Victory Dance' At Wagah Border

Pak Cricketer’s ‘Victory Dance’ At Wagah Border

Pakistani cricketer Hasan Ali showed off his signature move at the Wagah Border, video on …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *