Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » अज्ञात साथी के नाम – गोपाल दास नीरज
अज्ञात साथी के नाम - गोपाल दास नीरज

अज्ञात साथी के नाम – गोपाल दास नीरज

लिखना चाहूँ भी तुझे खत तो बता कैसे लिखूँ
ज्ञात मुझको तो तेरा ठौर ठिकाना भी नहीं
दिखना चाहूँ भी तुझे तो मैं बता कैसे दिखूँ
साथ आने को तेरे पास बहाना भी नहींं

जाने किस फूल की मुस्कान हँसी है तेरी
जाने किस चाँद के टुकड़े का तेरा दर्पण है
जाने किस रात की शबनम के तेरे आँसू हैं
जाने किन शोख़ गुलाबों की तेरी चितवन है

कैसी खिड़की है वह किस रंग के परदे उसके
तू जहाँ बैठ के सुख स्वप्न बुना करती है
और वह बाग़ है कैसा कि रोज़ तू जिससे
अपने जूड़े के लिये फूल चुना करती है

तेरे मुख पर है किसी प्यार का घूँघट कोई
या कि मेरी ही तरह तुझ पे कोई छाँव नहीं
किस कन्हैया कि याद करता है तेरा गोकुल
या कि मेरी ही तरह तेरा कोई गाँव नहीं

तू जो हँसती है तो कैसे कली चटकती है
तू जो गाती है तो कैसे हवाएँ थम जातीं
तू जो रोती है तो कैसे उदास होता नभ
तू जो चलती है तो कैसे बहार थर्राती

कुछ भी मालूम नहीं है मुझे कि कौन है तू
तेरे बारे में हरेक तरह से अजान हूँ मैं
तेरे होठों के निकट सिर्फ बेजुबान हूँ मैं
तेरी दुनियाँ के लिए सिर्फ बेनिशान हूँ मैं

फिर बता तू ही, कहाँ तुझको पुकारूँ जाकर
भेजूँ संदेश तुझे कौन सी घटाओं से
किन सितारों में तेरी रात के तारे देखूँ
नाम पूछूँ तेरा किन सन्दली हवाओं से

∼ ‘गोपाल दास नीरज’

Check Also

Avengers: Infinity War

Hollywood 2018 Superhero Film: Avengers: Infinity War Movie Review

Directed by: Anthony Russo, Joe Russo Starring: Robert Downey Jr., Chris Hemsworth, Mark Ruffalo, Chris …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *