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Trick Dog Training कुत्ते को करतब सिखाने का प्रशिक्षण

Trick Dog Training कुत्ते को करतब सिखाने का प्रशिक्षण

बगैर किसी दबाव या अधीर हुए अपने डॉगी के साथ अलग-अलग तरह के करतब करने को ‘ट्रिक डॉग ट्रेनिंग’ कहा जाता है। यह कोई खेल नहीं बल्कि लोगों द्वारा अपने डॉगी के साथ मजेदार वक्त गुजारने के लिए की जाने वाली गतिविधियां है।

जर्मनी जैसे पश्चिमी देशों में डॉगी पालने वाले कई लोगों को ऐसी गतिविधियों में अच्छी-खासी रूचि है। एक ‘ट्रिक डॉग एक्सपर्ट’ मैनुऐला के अनुसार जरूरी है कि आप अपने डॉगी को करतब सिखाने की प्रक्रिया को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट ले। इस तरह से डॉगी के साथ आप कठिन से कठिन करतब भी धीरे-धीरे सीख सकते हैं। ‘ट्रिक डॉग ट्रेनिंग’ की सबसे बड़ी खासियत है कि हर प्रजाति के कुत्ते इसे कर सकते हैं।

अनेक ट्रिक डॉग स्वामी इसे सिखाने का दावा करने वाली किताबों या DVD से मदद लिए बगैर भी के सब कर सकते हैं। यदि कोई करतब ज्यादा कठिन हो तो इसके लिए किसी प्रशिक्षक की मदद ली जा सकती है।

हालांकि, हर डॉगी हर तरह की ट्रिक नहीं सीख सकता इसलिए जरूरी है कि लोग अपने डॉगी को वही करतब सिखाएं जो उनकी प्रजाति के लिए उपयुक्त हों। जैसे कि किसी बड़े शरीर वाले डॉगी को अपने मालिक की पीठ पर छलांग लगाने जैसी कलाबाजी नहीं सिखानी चाहिए। इसी तरह किसी छोटे आकार वाले डॉगी को भारी वजन लेकर चलने वाली कलाबाजी दिखाने का जोर नहीं डालना चाहिए।

ट्रिक डॉग ट्रेनिंग में महत्वपूर्ण है कि आपका डॉगी कुछ ऐसे नए काम भी सीखे जिसकी मदद से वह अपने मालिक के साथ एक टीम के रूप में काम कर सके। इसके दोनों में संबंध भी मजबूत होते हैं।

लोगों को ऐसी कसरतों या कलाबाजियों से शुरुआत करनी चाहिए जो उनके कुत्तों के लिए आसान हों। उदाहरण के लिए यदि आपके पास किसी ऐसी प्रजाति का कुत्ता है जिसे हर चीज को अपने पंजों से छूकर देखना पसंद है तो उसे दरवाजे की घंटी बजाना सिखाना सरल होगा, यदि आपका डॉग हर चीज को मुंह में पकड़ने को लालायित रहता है तो उसे जुराबें उतारना या बैग की जिप खोलना सिखाना अच्छा रहेगा।

ट्रिक डॉग ट्रेनिंग उन डॉग्स के लिए भी सही है जिनका व्यवहार कुछ अलग या कठिन होता है। हमेशा भयभीत रहने वाले कुत्ते इस ट्रेनिंग से आत्मविश्वास पा सकते हैं। साथ ही आलसी कुत्तों का संतुलन इससे  ठीक हो सकता है।

हालांकि, कुत्तों को यह समझाना भी आवश्यक है कि कब उनके साथ ट्रिक की जा रही है और कब नहीं। इस तरह से वे अपनी मर्जी से कभी भी कहीं भी कोई करतब शुरू नहीं कर देंगे।

जानकारों के अनुसार ट्रिक डॉग ट्रेनिंग का मकसद किसी प्रतियोगिता में मैडल जीतना नहीं होना चाहिए। आजकल कुत्तों की विभिन्न कलाबाजी की प्रतियोगिताएं लोकप्रिय हैं जिनका रुझान सबसे पहले अमेरिका में बढ़ा और अब ये दुनिया भर में आयोजित होती हैं।

ट्रिक डॉग ट्रेनिंग को केवल अपने कुत्तों के साथ कुछ मजेदार गतिविधियों तक ही सिमित रखना बेहतर होगा। ये कुछ ऐसी हों कि डॉग नई चीजें सीखे और उनसे दैनिक जीवन में अपने मालिक की मदद भी कर सके।

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