• एयर गिटार

    इसे दुनिया का सबसे हल्का म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट कहा जाने लगा है, लेकिन दरअसल यह है ही नहीं। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वालों को किसी रॉकस्टार की तरह पेश आना होता है और इस तरह से हाथ चलना होता है मानो सच में गिटार बजा रहे हों। किसी जमाने में इसे बेवकूफी और पागलपन मन जाता था लेकिन अब फिनलैंड में हर वर्ष यह प्रतियोगिता होती है।

  • डियर कॉलिंग

    किसी जमाने में शिकारी हिरण को पकड़ने के लिए लोग उन्ही की आवाज निकला करते थे। आज यह एक प्रतियोगिता का रूप ले चुकी है। जर्मनी में हर वर्ष दुनिया भर से लोग इसमें हिस्सा लेने के लिए आते है। कोई प्लास्टिक की पाइप का इस्तेमाल करता है, कोई शंख का तो कोई सींगो का। प्यारे मेंमने की आवाज भी निकालनी होती है और गस्सैल बूढ़े हिरण की भी।

  • हाई हील रेस

    इसकी शुरुआत हुई 1986 में अमेरिका के वॉशिंगटन में। मजे की बात यह है कि इसमें महिलाएं नही पुरुष हिस्सा लिया करते थे। आज भी इस प्रतियोगिता का नाम 'दी हाई हील ड्रैग क्वीन रेस' है। ड्रैग क्वीन यानी महिला के लिबास में पुरुष। हालांकि इतने वर्षो में यह प्रतियोगिता दुनिया भर में फैल गई और अब महिलाएं भी इसमें भाग लेती हैं।

  • चीज रोलिंग

    इस खेल में चीज की एक भेली को ऊंची पहाड़ी से नीचे फैंका जाता है। किसी पहिए जैसी यह भेली लगभग 40 किलो की होती है। लोग इसे पकड़ने के लिए इसके रफ़्तार से तो नही भाग सकता लेकिन लुढ़कते हुए लोग भी नीचे तक आते हैं और जिसके हाथ यह सबसे पहले लग जाती है, वह विजेता कहलाता है।

  • एक्ट्रीम आयरनिंग

    एक आयरनिंग बोर्ड लेकर अपने कपड़ो को इस्त्री करना है लेकिन कमरे में नहीं, बल्कि कभी किसी पहाड़ की चोटी पर, तो कभी हवा में स्काई डाइविंग करते हुए। इस अजीब खेल की शुरुआत इंगलैंड में हुई। एक्स्ट्रीम स्पोर्ट्स के शौकीन टीम बना कर इसे खेलते है और कभी साइकिल चलाते हुए कपड़े इस्त्री करते हैं, तो कभी किसी चट्टान से लटक कर।

अजीबो-गरीब प्रतियोगिताएं

क्रिकेट और फूटबाल जैसे खेलो की वर्ल्ड चैम्पियनशिप तो समझ में आती है लेकिन कुछ ऐसे भी खेल हैं, जिनके बारे में शायद आप कल्पना भी नहीं कर सकते कि इनकी भी विश्व प्रतियोगिता होती होगी। आइए जानते हैं ऐसी कुछ अजीब प्रतियोगिताओं के बारे में।

Check Also

गुरु नानक देव जी के अनमोल विचार

गुरु नानक देव जी के अनमोल विचार विद्यार्थियों के लिए

गुरु नानक देव जी के अनमोल विचार: गुरू नानक देव या नानक देव सिखों के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *