Home » Kids Magazine » एवोकाडो की बढती मांग: पर्यावरण के लिए खतरा
एवोकाडो

एवोकाडो की बढती मांग: पर्यावरण के लिए खतरा

गत एक दशक में एवोकाडो का सेवन दुनिया भर में लोकप्रिय हुआ है लेकिन इसकी खेती करने वाले मैक्सिको तथा अन्य देशों में इनकी बढती मांग की पूर्ति के लिए बड़े पैमाने पर जंगलों का अंधाधुंध विनाश शुरू हो गया है।

संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (Food and Agriculture Organization) के अनुसार दुनिया भर में एवोकाडो की मांग लगातार बढ़ रही है जिसकी वजह से इसका कृषि क्षेत्रफल 2006 में 381,000 हैक्टेयर से बढ़ कर 2016 में 564,000 हैक्टेयर हो चुका था।

एवोकाडो मूल रूप से मैक्सिको का फल है जहां बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन हो रहा है। मिचो आकान मैक्सिको के सबसे बड़े एवोकाडो कृषि वाले इलाकों में से एक है जिसके उरुआपन शहर के करीब में अंतहीन पंक्तियों में एवोकाडो के पेड़ लगे हैं।

गत एक वर्ष में मैक्सिको में 2 लाख हैक्टेयर जमीन पर लगभग 20 लाख टन एवोकाडो उगाए गए।

पर्यावरण जानकारों के अनुसार एवोकाडो वृक्षारोपण अब जंगलों तथा पर्वत श्रृंखलाओं में फैल रहे हैं।

अनुमान है कि इलाके में प्रतिवर्ष 600 से 1,000 हैक्टेयर वन नष्ट किए जा रहे हैं ताकि वहां एवोकाडो उगाए जा सकें।

इसके अलावा एवोकाडो के पेड़ों को काफी देखरेख की आवश्यकता होती है और इन्हें पानी भी काफी देना पड़ता है।

How to eat an Avocado: Nutrition Benefits, Tips & Preparation

इलाके में अनेक छोटे एवोकाडो उत्पादक हैं जिसमें से अनेक अवैध रूप से खेती कर रहे है। 2018 में मैक्सिकन अधिकारीयों ने एवोकाडो उगाने के लिए वनों की अवैध कटाई करने वाले अनेक किसानों को पकड़ा था।

2012 में मैक्सिको सरकार के एक अध्ययन के अनुसार, एवोकाडो के उत्पादन में वृद्धि के चलते वहां जैव विविधता में कमी के साथ-साथ पर्यावरणीय प्रदूषण तथा मिट्टी के कटाव से होने वाला नुकसान भी बढ़ गया है। इसने क्षेत्र के प्राकृतिक जल चक्र तथा अनेक स्थानिक प्रजातियों को भी नुकसान पहुंचाया है।

एवोकाडो उत्पादकों तथा निर्यात संगठनों का कहना है कि वे इसकी खेती तथा पर्यावरण संरक्षण में अन्तुलन कायम रखने का प्रयास कर रहे हैं परंतु मैक्सिकन कृषि मंत्रालय के अनुमानों के अनुसार 2017 से 2030 के बीच एवोकाडो की वैश्विक मांग 48.98 प्रतिशत बढने जा रही है और दुनिया भर में इसकी खपत 28 लाख टन से बढकर 42 लाख टन हो जाएगी।

एवोकाडो की वजह से बढती कमाई पर अब मैक्सिको के कुख्यात गिरोहों की भी नजर है और वे भी नजर है और वे भी ‘हरे सोने’ के नाम से मशहूर हो चुके एवोकाडो के उत्पादकों से पैसा उगाहने को आतुर हैं। कई उत्पादकों का अपहरण किया जा चुका है।

मैक्सिको एकमात्र देश नहीं है जिसे एवोकाडो का मांग में भारी वृद्धि के कारण समस्याओं का सामना कर रहा है, इसराईल भी इससे प्रभावित है। वहां भी इसका उत्पादन लगातार बढ़ रहा है।

इस क्षेत्र में सबसे पहले एवोकाडो के पेड़ करीब 100 साल पहले फिलस्तीन में लाए थे। आज इसराईल में इसे लगभग 8,500 हैक्टेयर क्षेत्र में उगाया जा रहा है। यह इसराईली आहार का मुख्य हिस्सा भी है जहां सालाना प्रति व्यक्ति इसका औसतन 5 किलोग्राम सेवन होता है।

जाहिर है कि अधिक मांग के चलते अधिक मुनाफे के लालच में इसका अधिक से अधिक उत्पादन करने के प्रयास हो रहे हैं जिससे जैव विविधता को नुक्सान पहुंच रहा है और पानी की खपत भी इनके लिए काफी बढ़ चुकी है।

एवोकाडो के पेड़ों को बहुत पानी की जरूरत होती है क्योंकि एक किलो एवोकाडो उगाने में 600 लीटर पानी लगता है।

इसराईल में इनकी इस्तेमाल किया जा रहा है परंतु भय है कि ऐसे पानी में मौजूद खतरनाक नैनोकण फलों तक पहुंच सकते हैं। इस तरह के पानी के लम्बे समय तक इस्तेमाल से मिट्टी को भी नुकसान पहुंचता है।

If You Eat an Avocado a Day For a Month, Here’s What Will Happen to You

Check Also

Assam readies for feasting festival Magh Bihu

Assam readies for feasting festival Magh Bihu

Assam is gearing up to celebrate Bhogali Bihu or Magh Bihu, the festival of feasts. …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *