Stories For Kids

Rimjhim And Pigeon’s Eggs: Wisdom Story

Rimjhim And Pigeon's Eggs: Wisdom Story

“Mamma – mamma” – Rimjhim was screaming from the balcony. Mrs. Sharma could feel the joy and surprise in her daughter’s voice. “What happened”? she almost ran to the balcony and saw Rimjhim standing around the birds. Rimjhim was merrily clapping with loud giggle. Mamma smiled and asked – “What happened dear? You look quite happy”. “Look at that mamma” …

Read More »

नई सुबह: साक्षरता प्रेरक प्रेरणादायक बाल कहानी

नई सुबह: साक्षरता प्रेरक प्रेरणादायक बाल कहानी

“काँच के अंदर झाँकने से किताब पढ़ने को नहीं मिल जाएगा” चाय की गुमटी से बापू गुस्से से चीखे जो लाइब्रेरी के पास ही बनी हुई थी। छोटू पर इस बात का कोई असर नहीं हुआ। वह चेहरे से बारिश की बूँदें पोंछता हुआ शीशे के अंदर देखता रहा। अंदर का दृश्य उसके लिए किसी स्वप्न लोक से कम नहीं …

Read More »

Bangles On The Ears: Radhika Raman Prasad

Radhika Raman Prasad Singh

“Kiran, what have you on your ears?” “Bangles,” she said pushing aside the wayward locks from her ears. “What? Bangles on your ears?” And he saw for himself the two bangles around her ears. “Yes. Where else shall I wear them?” Bangles On The Ears: Classic Story in English Kiran was still very innocent. Not innocent as the world knows …

Read More »

First Thanksgiving: Children’s Thanksgiving story

After landing in Plymouth, the Pilgrims had to struggle to survive through their first wretched and miserable winter in Massachusetts. When spring and summer came it was a welcome relief. They learned so many things that first year. They had planted and cared for their first fields of corn. They had found wild strawberries in the meadows, raspberries on the …

Read More »

दादाजी की सीख: पर्यावरण संरक्षण पर बाल कहानी

दादाजी की सीख: पर्यावरण संरक्षण पर बाल कहानी

“सुबह से इस बन्दर ने हड़कंप मचा रखा है” मम्मी ने खड़की से बाहर की ओर झाँकते हुए कहा। मम्मी की बात सुनते ही टीनू ने पास रखी किताब उठाई और पढ़ने का नाटक करने लगा। मम्मी ने टीनू को देखा और कहा – “तुम सिर के बल क्यों नहीं खड़े हो जाते”? “क्यों मम्मी”? टीनू ने मासूमियत से पूछा। …

Read More »

सौदा: लालची बाप के बिकाऊ बेटे की हास्य कहानी

सौदा: लालची बाप के बिकाऊ बेटे की हास्य कहानी

मेरे पिताजी से ज्यादा दरियादिल और महान इंसान मैंने आज तक नहीं देखा। दरियादिल इसलिए क्योंकि उनके दिल में कंजूसी और कृपणता दोनों का दरिया पूरे वेग के साथ बहता है और महान इसलिए क्योंकि वह कंजूसी के साम्राज्य के वो महान सम्राट है जिनकी टक्कर में कोई खड़ा ही नहीं हो सकता। घर हो या बाहर, वो जहाँ भी …

Read More »

All in a row: Diyas light up more than just our homes

All in a row: Diyas light up more than just our homes

Pradeep decided that they would use electrical lights in multicolored to decorate the house for the festival. “How many days to Deepavali?” Pradeep asked his dad. “Four,” said Dad without looking up from the newspaper. “Oh… ho… we don’t have much time. We have to decorate the house with colorful electrical bulbs and multicolored string lights.” “I think it would …

Read More »

बाला की दिवाली: गरीबों की सूनी दिवाली की कहानी

बाला की दिवाली: गरीबों की सूनी दिवाली की कहानी

“माँ… पटाखे लेने है मुझे” बाला ने दिवार के कोने में बैठे हुए कहा। “कहाँ से ले दूँ?” बाला की माँ, शांता का तुरंत जवाब आया। “पर दिवाली में तो सब बच्चे पटाखे फोड़ते है” बाला ने एक और कोशिश करते हुए कहा। “हाँ, पर उनके मम्मी पापा के पास पैसे होते है?” माँ ने रस्सी पर कपड़े डालते हुए …

Read More »

अंशु की बा: कस्तूरबा गांधी के जीवन से प्रेरित कहानी

अंशु की बा: कस्तूरबा गांधी के जीवन से प्रेरित कहानी

“मुझे तो समझ ही नहीं आता कि तुम इतनी दब्बू क्यों हो?” मनीषा ने गुस्से से कहा। “हाँ, जो भी आता है, तुम्हें चार बातें सुना कर चला जाता है” अंकुर ने तुरंत कहा। अंशू सिर झुकाये अपने दोस्तों की बातें चुपचाप सुन रही थी। “अब कुछ बोलोगी भी या नहीं?” मनीषा ने तेज आवाज़ में कहा। “मुझे लगता है …

Read More »